तहसीलदार माधव लाल मीणा के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने गांव में पहुँचकर चरागाह भूमि से अवैध कब्जे हटवाए। इस दौरान जेसीबी से कई पक्के और कच्चे निर्माण तोड़े गए। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी से माहौल पूरी तरह नियंत्रित रहा। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद रहे और प्रशासन की इस कार्रवाई पर संतोष जताया। बता दे कि ग्रामीणों ने कुछ दिन पहले ही चरागाह भूमि से कब्जे हटाने की मांग को लेकर हाईवे जाम किया था और सड़क पर टायर जलाकर विरोध दर्ज कराया था। उस समय जिला प्रशासन को आश्वासन देना पड़ा था कि अवैध कब्जों को जल्द हटाया जाएगा। उसी क्रम में रविवार को यह बड़ी कार्रवाई की गई।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अब तक लगभग 80 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। यह काम अभी जारी है और शेष भूमि से भी अतिक्रमण हटाया जाएगा। अधिकारियों ने साफ कहा है कि चरागाह भूमि पर किसी भी प्रकार का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भूमि को पूरी तरह उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि उनके मवेशियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके मुक्त होने से पशुओं को चारे की समस्या से राहत मिलेगी। वे इस कार्रवाई को अपनी जीत मान रहे हैं, लेकिन साथ ही प्रशासन से यह भी अपेक्षा कर रहे हैं कि भविष्य में दोबारा ऐसे कब्जे न होने पाएँ। झालावाड़ प्रशासन की इस कार्रवाई ने न केवल ग्रामीणों को राहत दी है बल्कि यह भी संदेश दिया है कि अवैध कब्जों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
झालावाड़: मनोहरथाना क्षेत्र के ग्राम समरोल में लंबे समय से चरागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग आखिरकार रंग लाई है। ग्रामीणों के विरोध और लगातार आंदोलनों के बाद प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया।


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