अतएव कर का युक्तियुक्त समाधान होने तक कर वसूली रोकी जाये। भवन कर के मापदण्ड समझाया जावे। विद्युत कर की मासिक/ वार्षिक दर, परिषद क्षेत्र विद्युत खपत जनहित में कितनी होती व शासन से कितना बजट आता है, उसके विद्युत का निर्धारक किया जाए। जल कर की वसूली मासिक की जाती है, जबकि पानी की सप्लाई एकल दिवस प्रणाली से दिया जाता है। जल कर को भी संशोधित किया जावे। विगत समय में परिषद द्वारा निर्णय लिया गया था कि वार्ड क्र 1 से 15 तक में सीसी रोड निर्माण वंचित गलियो में करवाया जायेगा। अबतक कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ। रोड निर्माण के दौरान भैसोदा नगर परिषद में कितने मकानों/दुकानों को तोड़ा गया, वैद्यानिक दायरे में आने वाले हितग्राहियो को मुआवजा राशि देकर नुकसान की भरपाई तत्काल की जावे।अन्नदाताओ से संबन्धित एक विकराल समस्या अतीवष्टि के कारण पैदा हो जाने से कृषको को अपनी खेती बाड़ी के लिए खेतो तक आने जाने के रास्ते बिलकुल अवरुद्द हो गए है।
उपज का परिवहन करने व आगामी फसल की तैयारी करने के लिये खेतो पर आना जाना मुश्किल हो रहा है। इस कारण क्षेत्र के कृषक भाईयों पर अर्थव्यवस्था का भी संकट पैदा हो सकता है। किसानों का राष्ट्रीय योगदान है, ऐसी परिस्थिति में खराब रास्तो को आवागमन लायक बनाया जाने के लिये विनती की। मनरेगा तर्ज पर कृषक गणो को राहत प्रदान करने का कष्ट करें। अवेध नोटिस बिना सीएमओ और चेयरमेन के सील साइन के जनता को डराने के लिये दिये जा रहे है, वो तुरन्त बंद किये जावे। नगर परिषद में जो भी जनता कार्य के लिये आ रही है। उनके कार्य का रिकार्ड तारीख, कार्य, समय सहित दर्ज किया जाए।भगवानपुरा वालों को गाँव में स्थापन करने की तारीख सुनिश्चित करें।


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