अरुण ने पिछले साल का वित्त आय व्यय के बारे में सभी शेयरधारक को और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को विस्तार से समझाया। इसी के साथ में निमांस्त्र और जैविक खेती करने से किसानों को होने वाले फायदे गिनाए। फलदार पौधों की डिमांड देने के लिए भी बात की और फाउंडेशन बीज के बारे में किसानों को बताया। किसान से फाउंडेशन बीज लगाने के लिए भी बात कही।
जे. फार्म के प्रतिनिधि ने जैविक खेती और बकरी पालन करने के बारे में विस्तार से समझाया। इस पर मिलने वाली सब्सिडी के बारे में भी बताया। ब्लॉक कोऑर्डिनेटर राहुल ने किसानों को कम्पनी के साथ जुड़ने से होने वाले फायदे के बारे बताया और खेती में काम आने वाली पेस्टीसाइड, सीड्स और बीज का सामान बाजार से ना खरीदकर एफपीओ से खरीदने के फायदे बताए। एग्रोनॉमिस्ट प्रवीण ने फसल में होने वाली बीमारियों के बारे में किसानों को बताया और किसानों को कीटनाशकों के बारे में बताया। जैविक खेती करने के लिए कहा। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर मंजुला ने जैविक खेती के बारे में बताया, उन्होंने जीवाश्म, वर्मीकम्पोस्ट और वर्मीवॉश के बारे में बताया कि किस प्रकार से केचुआ की खाद तैयार की जारी है और इसका खेत में उपयोग करने से यूरिया डीएपी की मात्रा को कम किया जा सकता है। किसान भी जैविक खेती करे। उसके बारे में सभी किसानों को जानकारी दी। वही मीटिंग का समापन अरुण मीणा ने सभी किसान भाइयो का आभार व्यक्त कर किया।


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