25 दिसंबर को “तुलसी पूजन दिवस” घोषित करने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

भैसोदामंडी: 25 दिसंबर को शासकीय अवकाश निरस्त कर इसे “तुलसी पूजन दिवस” घोषित किए जाने की मांग को लेकर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिषद के उज्जैन संभाग प्रभारी कमल हटवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन चौकी प्रभारी भैसोदामंडी के माध्यम से थाना भानपुरा, जिला मंदसौर को दिया गया। ज्ञापन में बताया कि वर्षों से 25 दिसंबर को शासकीय अवकाश देकर विदेशी संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि भारतीय सनातन परंपराएं, पर्यावरणीय मूल्य और सांस्कृतिक प्रतीकों की लगातार उपेक्षा हो रही है। यह स्थिति अब स्वीकार्य नहीं है। कमल हटवाल ने बताया कि तुलसी केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा, पर्यावरण संतुलन और जनस्वास्थ्य का आधार है। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया पर्यावरण संकट से जूझ रही है, तब भारत जैसे सांस्कृतिक राष्ट्र में तुलसी जैसे जीवनदायी पौधे की अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण है। ज्ञापन में शासन से मांग की गई है कि 25 दिसंबर को शासकीय अवकाश के रूप में मनाने की परंपरा पर पुनर्विचार किया जाए और इस दिन को “तुलसी पूजन दिवस” के रूप में घोषित कर भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए।

साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि शासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक संगठन एवं सांस्कृतिक संस्थाएं प्रदेशव्यापी जनआंदोलन करने को बाध्य होंगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अजय पौराणिक, डॉ चैन सिंह, बृजमोहन धारीवाल, मांगीलाल गुर्जर, मुकेश तिवारी, महेश सोनी, मोहन भील, भवानीशंकर गुर्जर, दीपक बबेरवाल, कुंदन माली आदि मौजूद है।

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