डिजिटल युग की चुनौतियों पर बोलते हुए बिरला ने साफ कहा कि सूचना की रफ्तार के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। फेक न्यूज के दौर में तथ्यपरक, निष्पक्ष और संवेदनशील पत्रकारिता ही समाज का भरोसा बचा सकती है। मीडिया को सरकार और जनता के बीच सेतु बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वस्थ आलोचना और रचनात्मक संवाद से ही लोकतंत्र मजबूत होता है।
कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, वरिष्ठ पत्रकार एवं हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक वीरेंद्र सिंह चौहान, जार प्रदेशाध्यक्ष हरिवल्लभ मेघवाल, ब्रह्माकुमारी संस्थान की कोमल यादव और जार के मुख्य संरक्षक पुरुषोत्तम पंचोली व कोटा जिलाध्यक्ष दिनेश गौतम मामा मंचासीन रहे।
सुबह 11 बजे शुरू हुआ अधिवेशन शाम 7 बजे तक चला। इस दौरान पत्रकारिता के अधिकार, चुनौतियाँ, मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों पर खुलकर मंथन हुआ। संभागभर से पहुंचे बड़ी संख्या में पत्रकारों ने अधिवेशन को धार दी। अल्पहार और भोजन व्यवस्था के साथ अनुशासित आयोजन में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा, आज निर्भीक, जनहितकारी और जवाबदेह पत्रकारिता की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है। तेज संवाद, स्पष्ट विचार और मजबूत संदेशों के साथ यह अधिवेशन पत्रकारों के लिए दिशा देने वाला साबित हुआ।
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