मकर संक्रांति पर ड्यूटी से बढ़कर मानवता
पर्व के दिन परिवार संग समय बिताते हुए डॉ. कुलवंत गौड़ को सूचना मिलते ही वे तत्काल भवानीमंडी के लिए रवाना हुए और देर रात शोकाकुल परिवार की उपस्थिति में नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न की।
डॉ. गौड़ ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में परिजनों ने साहस दिखाकर नेत्रदान का निर्णय लिया है। यह कदम समाज के लिए हमेशा प्रेरणा बनेगा। सच्चा पर्व वही है जिसमें किसी अंधेरे जीवन को रोशनी मिले।
महिलाओं ने भी देखा पूरा प्रक्रिया क्रम
नेत्रदान प्रक्रिया के दौरान परिवार की महिलाओं ने भी पूरी विधि को ध्यानपूर्वक देखा और नेत्रदान के महत्व को समझा। परिवार का यह संकल्प लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम करेगा।
152वां नेत्रदान, जिले का 192वां
शाइन इंडिया फाउंडेशन के अनुसार भवानीमंडी से यह 152वां जबकि झालावाड़ जिले से 192वां नेत्रदान है। संस्था लंबे समय से लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित कर रही है और कई परिवार इस मुहिम से जुड़े हैं।


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