भवानीमंडी: वैष्णव बैरागी समाज के आराध्य भगवान जगत्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य की 726वीं जयंती पर भवानीमंडी में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री वैष्णव बैरागी युवा सेवा समिति के तत्वावधान में झालावाड़ व मंदसौर जिलों के समाजबंधुओं ने दो दिवसीय भव्य आयोजन में भाग लेकर उत्सव को यादगार बना दिया। संत श्री 1008 बालकदास महाराज के सानिध्य में रविवार को समारोह का विधिवत समापन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद प्रतिभावान विद्यार्थियों, भामाशाहों सहित जिले की सभी समितियों से आए समाजसेवियों का सम्मान किया गया। मंच पर उपस्थित प्रमुख जनों ने समाज की एकता और संगठन को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया और तन-मन-धन से समाज उत्थान में सहयोग देने की अपील की।
संत बालकदास महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि “वैष्णव समाज अपने कर्म से पहचाना जाता है, कर्म से ही समाज मजबूत होता है। वैष्णव धर्म के सिद्धांतों से दूर न हों।” आशीर्वचन के बाद समिति की ओर से भव्य महाआरती आयोजित हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। महाआरती के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। समाजबंधुओं ने उत्साह से सहयोग करते हुए भक्तों को भोजन प्रसाद वितरण किया।
कार्यक्रम के अंत में श्री वैष्णव बैरागी युवा सेवा समिति ने उपस्थित सभी समाजबंधुओं, संत-महात्माओं और प्रायोजकों का हृदय से आभार व्यक्त किया और भविष्य में ऐसे आयोजनों को और अधिक भव्य बनाने का संकल्प लिया।

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