मेले में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, कृषि उपकरण, एफपीओ तथा विभिन्न उर्वरक–कीटनाशक कंपनियों समेत 240 से अधिक स्टॉल लगाए गए। इनमें से इंडियन पोटाश लिमिटेड का स्टॉल किसानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां बड़ी संख्या में किसान संतुलित खाद के उपयोग की जानकारी लेने पहुँचे। कंपनी के क्षेत्रीय अधिकारी अमित कुमार ने किसानों को पोटाश खाद के महत्व, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, फसल उत्पादकता बढ़ाने और मिट्टी स्वास्थ्य सुधार के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान फसलवार पोटाश के लाभों पर प्रेजेंटेशन भी दिया गया। अमित कुमार ने कहा कि कृषि में बढ़ती लागत के बीच संतुलित खाद का प्रयोग ही उत्पादन बढ़ाने का सबसे कारगर और किफायती उपाय है। उन्होंने मिट्टी परीक्षण की अनिवार्यता पर भी जोर दिया और उपस्थित किसानों को सम्मानित किया। मेले में आए किसानों ने इंडियन पोटाश लिमिटेड के स्टॉल पर उपलब्ध तकनीकी जानकारी की सराहना करते हुए बताया कि इस तरह की पहलें उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ती हैं।
दो दिवसीय मेले के दौरान कृषि विशेषज्ञों से संवाद, अमरूद प्रदर्शनी, कृषि उपकरण प्रदर्शन, जैविक खेती सत्र तथा अनेक प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं। पंचायत स्तर से आए किसानों ने बड़े उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।


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