भैसोदामंडी।
नीलकंठ बस्ती में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन ने रविवार को नगर का माहौल पूरी तरह भगवामय कर दिया। मातृशक्ति के नेतृत्व में निकली कलश यात्रा आस्था, शक्ति और संस्कार का प्रतीक बनी। दोपहर 1 बजे त्रिवेणीधाम नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर से शुरू हुई यात्रा शर्मा भोजनालय चौराहा होते हुए मुख्य मार्ग से बस स्टैंड स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंची। कलश यात्रा का नगर में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। नगर परिषद अध्यक्ष गायत्री पौराणिक ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया। इस दौरान उपाध्यक्ष अर्जुन शर्मा, अजय पौराणिक, गोलू पौराणिक सहित कई जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे।
बच्चे बने क्रांतिकारी, झांकी बनी आकर्षण
डीजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच निकली यात्रा में नन्हे बच्चों को भगत सिंह और झांसी की रानी के रूप में सजाया गया। महाराणा प्रताप की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। “जय श्रीराम” के जयकारों से पूरा मार्ग गूंजता रहा। कार्यक्रम स्थल पर सम्मेलन की शुरुआत जयघोष के साथ हुई। स्वामी विवेकानंद और संकल्प एकेडमी के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी।
501 दीपों से भारत माता की महाआरती कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया गया। मंच पर संत केशवदास महाराज (लेदी चौराहा), अलका हाड़ा (राष्ट्रीय सेविका समिति), कालूराम पाटीदार सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। मुख्य वक्ता आरएसएस के जिला प्रचारक नरसिंह ने ओजस्वी संबोधन दिया। कलश यात्रा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली महिलाओं को कृपाण भेंट कर सम्मानित किया गया। अंत में भोजन प्रसादी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। सम्मेलन से एक दिन पूर्व शनिवार रात को मशाल यात्रा भी निकाली गई थी। यह जानकारी विकास बहेती ने दी।
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