थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग, कलेक्टर से शिविर में आने का आग्रह

झालावाड़: थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चों को अब तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाने पर क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। ग्राम गणेशपुरा गरनावद पंचायत, तहसील पचपहाड़ के ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए प्रस्तावित शिविर एवं रक्तदान शिविर में उपस्थित होकर मार्गदर्शन देने की मांग की है।

ज्ञापन में बताया गया कि जिले में करीब 200 से 250 बच्चे थैलेसीमिया बीमारी से ग्रसित हैं, जिनकी उम्र लगभग 6 माह से 10 वर्ष तक है। इन बच्चों को हर 15 से 25 दिन में रक्त चढ़ाना पड़ता है। वर्तमान में सरकारी ब्लड बैंक से नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है तथा अस्पताल स्तर पर थैलेसीमिया डायरी भी बनाई गई है। राज्य सरकार द्वारा थैलेसीमिया को दुर्लभ बीमारी की श्रेणी में शामिल कर मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना से जोड़े जाने के बावजूद आज तक किसी भी बच्चे को इस योजना का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाया है।

ग्रामीणों ने बताया कि झालावाड़ में लगभग 342 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे हैं, जिनमें मध्यप्रदेश व राजस्थान के अन्य जिलों से भी बच्चे रक्त चढ़वाने आते हैं। इस बीमारी का एकमात्र स्थायी उपचार बोन मैरो ट्रांसप्लांट है, जो राजस्थान में जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में ही संभव है। इस उपचार पर करीब 25 से 40 लाख रुपए तक का खर्च आता है, जिसे वहन करना गरीब परिवारों के लिए असंभव है। बीते वर्ष रक्त चढ़ाने के दौरान तीन बच्चों की मृत्यु भी हो चुकी है, जबकि अब तक केवल पांच बच्चों का ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो पाया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि क्षेत्र में थैलेसीमिया जागरूकता एवं जांच के लिए एक विशेष शिविर आयोजित किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें बाल आयुष फाउंडेशन, बेंगलुरु की टीम आकर पीड़ित बच्चों व उनके माता-पिता के सैंपल लेगी। साथ ही ग्राम गणेशपुरा में रविवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एसआरजी अस्पताल झालावाड़ व सहकारी ब्लड बैंक की मेडिकल टीम मौजूद रहेगी। ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से आग्रह किया है कि वे 8 मार्च 2026 अथवा 15 मार्च 2026 को आयोजित इन शिविरों में पहुंचकर थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों व उनके अभिभावकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दें और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करें।

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