भीलवाड़ी: नगर के सकल हिन्दू समाज की ओर से सनातन संस्कृति, धर्म और सामाजिक एकता के प्रतीक विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। संतों के सानिध्य में गांव को श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के रंग में रंग दिया।
सम्मेलन की शुरुआत भव्य शोभायात्रा एवं कलश यात्रा से हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजी मातृशक्ति, उत्साह से लबरेज युवा और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता से पूरा गांव धर्ममय वातावरण में डूब गया। जयघोष और भजनों के बीच निकली यात्रा आकर्षण का केंद्र रही। सम्मेलन को संबोधित करते हुए यशु नागर ने कहा कि “सनातन संस्कृति ही भारत की आत्मा है। समाज को संगठित रहकर अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करनी होगी।” उनके प्रेरक उद्बोधन पर उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
मंच पर जिला कार्यवाहक शंकर सिंह एवं मातृशक्ति प्रतिनिधि यशु नागर विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सीताराम झांकी, महापुरुषों की झांकियां, भारत माता की आरती, संतों के आशीर्वचन और प्रसादी वितरण ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसी क्रम में भीलवाड़ी गांव में झंडा सम्मेलन का आयोजन हुआ, जहां दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भाग लेकर धार्मिक उल्लास को और बढ़ाया। सायंकाल विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। विराट हिन्दू सम्मेलन ने सामाजिक समरसता, धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकता का सशक्त संदेश देते हुए इतिहास रच दिया।

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