शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आवंटन घोटाला: नगर परिषद अध्यक्ष सहित 23 पर FIR, 83 लाख की राजस्व क्षति का आरोप, ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई

एआई से जनरेटेड सांकेतिक चित्र

लखनादौन (सिवनी) | नगर परिषद द्वारा निर्मित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। जांच के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने नगर परिषद अध्यक्ष सहित 23 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मामला लखनादौन, जिला सिवनी का है, जहां चट्टी से बस स्टैंड मार्ग पर बने शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में दुकानों के आवंटन में मनमानी कर शासन को करीब 83 लाख रुपए की राजस्व क्षति पहुंचाने का आरोप है।

किन-किन पर दर्ज हुआ प्रकरण

ईओडब्ल्यू ने नगर परिषद लखनादौन की अध्यक्ष मीना बलराम गोल्हानी, दो पूर्व सीएमओ गजेंद्र पांडे व गीता वाल्मीक, वर्तमान राजस्व उपनिरीक्षक रवि गोल्हानी, पीआईसी सदस्य देवकी शिवकुमार झारिया, संगीता संजय गोल्हानी, वर्षा श्रीकांत गोल्हानी, अनीता संदीप जैन, सविता गोलू कुमरे सहित 14 दुकानदारों को आरोपी बनाया है। सभी के खिलाफ भादवि की धारा 409, 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 13(1)(ए), 13(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।

नियम ताक पर रखकर दिया कब्जा

जांच में सामने आया कि निकाय द्वारा निर्मित आठ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में कुल 75 दुकानों का निर्माण कर नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई थी।

नियम यह था

  • 21 दिन के भीतर 25% राशि जमा करना अनिवार्य।
  • शेष राशि 120 दिन में जमा करना।
  • इसके बाद विधिवत अनुबंध और मासिक किराया निर्धारण 

लेकिन इन नियमों को दरकिनार कर बिना पूरी राशि जमा कराए और बिना अनुबंध तैयार किए ही दुकानदारों को कब्जा दे दिया गया। सूत्रों के अनुसार शिकायत मिलने के बाद विस्तृत जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में राजस्व हानि और प्रक्रियात्मक अनियमितताएं सामने आने पर ईओडब्ल्यू ने आपराधिक प्रकरण दर्ज किया। 

नगर परिषद स्तर पर हुई इस कार्रवाई से स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक तंत्र में हलचल मच गई है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या शासन को हुई 83 लाख की क्षति की भरपाई हो सकेगी और दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी?

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