झालावाड़-मंदसौर के बीच मिलेगा इलेक्ट्रिक वाहनों को सहारा
भवानीमंडी । राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर बसे भैसोदामंडी में अब इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई सुविधा आकार लेने लगी है। भैसोदा नगर परिषद यहां बस स्टैंड पर करीब 11 लाख रुपए की लागत से सार्वजनिक फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन तैयार करवा रही है। खास बात यह है कि झालावाड़ और मंदसौर दो राज्यों के दो जिलों के बीच यह अपनी तरह का पहला सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन होगा, जो आने वाले समय में इस पूरे बॉर्डर बेल्ट को ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर की नई पहचान दे सकता है।चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। टीन शेड और प्लेटफॉर्म निर्माण का काम लगभग पूरा हो गया है। नगर परिषद का दावा है कि यहां निजी चार्जिंग स्टेशनों की तुलना में कम दर पर फास्ट चार्जिंग सुविधा मिलेगी, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को राहत मिलेगी।एक समय था जब सीमावर्ती इलाकों में आधुनिक सुविधाएं देर से पहुंचती थीं, लेकिन अब भैसोदा जैसे कस्बे भी तकनीकी बदलाव की रफ्तार पकड़ने लगे हैं। राजस्थान के झालावाड़ और मध्यप्रदेश के मंदसौर के बीच रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इस सीमावर्तीय मार्ग की 8 लेन से भी सीधी कनेक्टिविटी है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। देशभर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार अभियान चला रही है। इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मंचों से ईंधन की बचत करने की अपील कर चुके हैं। वर्तमान में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि भी अपना प्रोटोकाल कम करने के साथ ही अब इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे माहौल में सीमावर्ती क्षेत्र में ईवी चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत को भविष्य की जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है।
यात्रियों और व्यापारियों को भी मिलेगा फायदा
भवानीमंडी- भैसोदामंडी दो राज्यो की सीमा पर बसे जुड़वा व्यापारिक कस्बे है। भैसोदामंडी बस स्टैंड पर बनने वाला यह स्टेशन सिर्फ ईवी चालकों के लिए सुविधा नहीं होगा, बल्कि इससे स्थानीय व्यापार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालक चार्जिंग के दौरान बाजार और आसपास की दुकानों का उपयोग करेंगे, जिससे स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।ईवी वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ भविष्य में यह स्टेशन राजस्थान-मध्यप्रदेश रूट पर यात्रा करने वालों के लिए प्रमुख पड़ाव बन सकता है।
ऋण योजना से तैयार होगा स्टेशन
नगर परिषद सीएमओ गिरीश शर्मा ने बताया कि यह स्टेशन शासन की योजना के तहत ऋण मॉडल पर स्थापित किया जा रहा है। इसकी लागत नगर परिषद किस्तों में चुकाएगी। स्टेशन पर फास्ट चार्जिंग सुविधा उपलब्ध रहेगी और दरें निजी चार्जिंग स्टेशनों से कम रखी जाएंगी। सीमावर्ती कस्बे में शुरू हो रही यह पहल केवल तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि बदलते भारत की नई तस्वीर भी पेश कर रही है, जहां छोटे शहर भी अब हरित ऊर्जा और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।

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