भैसोदामण्डी: लगातर हो रहे विकास के चलते नगर की तस्वीर बदलने लगी है। पँचायत से नगर परिषद के गठन के बाद से ही शासन द्वारा क्षेत्र में करोड़ो की लागत से विकास कार्य करवाये जा रहे है। परिणामस्वरूप भैसोदा धीरे- धीरे नगरीय रूप लेने लगा है। चूंकि भैसोदा पहले पंचायत हुवा करता था जिसे 2 जुलाई 2020 को नगर परिषद का दर्जा मिला। उसके बाद से ही विकास की गंगा बह रही है। नगर परिषद के गठन से लेकर अबतक शासन द्वारा करोड़ो का बजट स्वीकृत किया गया, जिसकी चहुंओर आमजन में प्रशंसा है। नप सीएमओ गिरीश शर्मा ने बताया कि कई विकास कार्य प्रगति पर है और कई पूर्ण होने की कगार पर है। वही क्षेत्रीय विधायक चन्दर सिंह सिसोदिया भी भैसोदा नगर के सूरत व सीरत बदलने के लिए लगातार प्रयासरत है।
ये विकास कार्य प्रगति पर-
1. भैसोदा के प्राचीनतम तालाब की पाल का सुदृढ़ीकरण व वॉकिंग प्लेटफार्म
2. सिटी गार्डन (तालाब के सामने)
3. भैसोदामण्डी बस स्टैंड व सुलभ शौचालय
4. ट्रेचिंग ग्राउंड (कचरा डंपिंग यार्ड)
5. पेयजल की नई पाइपलाइन, दो टँकी व प्लांट
6. रेलवे ओवर ब्रिज व सर्विस लिंक रोड
7. नगर परिषद का नया भवन
8. वार्डो में पक्की सीसी सड़के व नालियां
9. गंदे पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम
पूर्व सरपंच के प्रयास लाये रंग-
भैसोदा सन 2020 से पहले पंचायत हुवा करती थी, जो 2 जुलाई, 2020 में नगर परिषद के रूप में गठित हुई। सन 2013 में प्रथम बार पूर्व मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शिवराज सिंह चौहान ने भानपुरा में आयोजित एक जन सभा के दौरान भैसोदा पंचायत को नगर परिषद बनाने की घोषणा मंच से की। जिसके बाद गजट नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होते ही 2020 में नप का दर्जा मिला। इसके लिए पूर्व सरपंच श्याम गुर्जर ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पत्राचार व ज्ञापन के माध्यम से लगातार नगर परिषद बनाने की मांग की थी। प्रयासों के परिणाम स्वरूप भैसोदा आज नगर का स्वरूप लेता नजर आ रहा है।
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