भवानीमंडी के बहुचर्चित जमीनी विवादो की फेहरिस्त में शामिल मेला ग्राउंड की जमीन का विवाद एक बार फिर गरमाया। महीनेभर पहले इसी जमीन पर लम्बे समय से स्थित समस्त गुमटियों को अवैध अतिक्रमण बताते हुवे नगर पालिका ने हटवाया था। कुछ दिन पहले वापिस गुमटियां रख ली गई। इसी बात से नाराज पारेता परिवार के लोगो व वक्फ बोर्ड सदर जाकिर मिंडा के बीच कहासुनी हो गई।
मामला इतना गरमाया कि दोनों पक्षो के बीच तू-तू, मैं- मैं तक होने लगी। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुँची और समझाइश के बाद मामला शांत हो पाया। दरअसल सबंधित मेला ग्रांउण्ड की सरकारी भूमि पर पारेता परिवार रियासतकालीन समय से ही अपने पुरखों की होने का दावा जता रहे है, जो कोर्ट में विचाराधीन भी है। वही दूसरी ओर वक्फ बोर्ड सदर जाकिर मिंडा कहासुनी के दौरान मौके पर पहुँचे और कब्रिस्तान से सटी 15 फिट जमीन वक्फ बोर्ड के हक की होना बताया। महीनेभर पहले इसी भूमि के बिकने की खबरों ने भी खूब जोर पकड़ा था।
जिसको लेकर नगर भाजपा ने नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी मनीष मीणा को ज्ञापन भी सौंपा था। उस समय मीडिया के सावल पर नपा ईओ मीणा बोले थे कि यह भूमि नगर पालिका के खाते की है। जिसका केस भी हाईकोर्ट से जीत चुके है। जिसके बाद पालिका ने इस जमीन पर नपा की सम्पत्ति होने का सार्वजनिक सूचना बोर्ड भी लगवाया था, जो आज भी स्थित है। पालिका द्वारा अतिक्रमण की कार्यवाई करते हुवे गरीब व जरूरतमंद लोगों की गुमटियां हटाना और उसके बाद फिर से रखी गुमटियों को हटाने के लिए पारेता परिवार के लोगो का मौके पर पहुँचना और इसी बीच वक्फ बोर्ड द्वारा जमीन को कब्रिस्तान की होने का दावा करना, पूरे ही मामले को पेचीदा बनाता जा रहा है।
हमने गुमटी वालो बताया कि इनको हटाओ ये जमीन हमारी है। विवाद नगर पालिका और हमारे है। इसमें सदर साहब 20 फिट जमीन वक्फ बोर्ड की बता रहे। सन 1958 से हम केस लड़ रहे है और सन 1929 से मेरे दादाजी इस जमीन के काश्तकार है। जब वक्फ बोर्ड कहा था।
:- धीरज पारेता, सदस्य पारेता परिवार
हमारी लड़ाई नगर पालिका से है। यह हमारे कब्रिस्तान के रास्ते की जमीन है। पारेता परिवार से हमारे अच्छे सम्बंध है, हम फिजूल किसी से लड़ना नही चाहते है। वक्फ बोर्ड की ओर से नपा चेयरमैन, एसडीएम, डिप्टी ऑफिस ज्ञापन भी दिया है।
:- जाकिर मिंडा, नगर अध्यक्ष वक्फ बोर्ड



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