झालावाड़ में राड़ी के बालाजी में 182 साल से यह परंपरा चली आ रही है। जहा सालभर में रावण के पुतले को 2 बार जलाया जाता है। चेत्र पुर्णिमा की दशमी के अवसर पर यहां परंपरा अनुसार रावण का दहन किया है। जिसको देखने के लिए पूरा शहर उमड़ता है। साथ ही राड़ी के बालाजी पर 9 दिन तक धार्मिक आयोजन सम्पन्न हुवे। आज दसवें दिन शहर में शोभायात्रा निकाली, जिसका जगह- जगह स्वागत किया गया।
साथ ही अखाड़े का प्रर्दशन भी होता है। इस बार झालावाड में 35 फिट रावण बनाया गया। साथ ही खास बात यह है कि पिछले 50 सालों से अधिक समय से रावण के पुतले को मुस्लिम परिवार बनाता आ रहा है ओर यहां आकर उसको खुशी मिलती है। कोमी एकता की मिसाल देखने मिली।
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