उसके बाद चादर का जुलूस शहर में गश्त करते हुए गागरोन शरीफ दरगाह पहुंचा जहां चांद नजर आने पर आस्ताने ओलिया पर बाद नमाज मगरीब के चादर पेश की गई इससे पहले खादीमान कमेटी की ओर से पंजा मुबारक गुम्बद शरीफ पर पेश किया गया तथा बुलन्द दरवाजे पर मरहूम मुन्ना खान के परिवार की ओर से झण्डा चढ़ाने की पारम्परिक रस्म अदा की गई। उसके बाद दरगाह वक्फ बोर्ड कमेटी की ओर से आस्ताने ओलिया पर चादर पेश की गई चादर पोशी से पहले दरगाह में कव्वाली का कार्यक्रम हुआ जिसमें देश के अलग अलग शहरों से आए नामी कव्वालों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किये गये कव्वालों ने सलामत रहे तुम्हारा इस दर से ही है गुजारा हमारा महावली सुनाया तो अकीतद मन्द मस्त कलन्दर व सूफी हजरात झूमने लगें। इस मौके पर अकीतद मन्दो का हुजूम उमड़ पड़ा तथा लोग चादर चूमने के लिए एकत्रित हुए इस तीन दिवसीय उर्स में लाखों की संख्या में लोग बाहर से जियारत करने फतेहख्वानी हुई जिसमें देश में अमन चेन, भाईचारा सभी जायरीनो के हक में दुआ की गई उसके बाद तबर्रूख तकसीम किया गया।
उर्स के दौरान दरगाह को दुल्हन की तरह सजाया गया है पूरा मार्केट में दुकाने लग चुकी है जिसमें काफी दुकानदार बाहर से आये है पूरे मार्केट लाईट से जगमगा उठा है बच्चों के मनोरंजन के लिए करीब एक दर्जन झूले चकरी लगाए गए हैं तथा आने वाले जायरीनों के लिए भी खाने पीने के पुख्ता इंतजाम किये गये है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े वही जगह-जगह पानी व लंगर की व्यवस्था की गई है दरगाह के बाहर ही एक कन्ट्रोल रूम बनाया गया है जिससे किसी भी जायरीन को परेशानी हो तो वहां सम्पर्क करने पर उसकी समस्या का समाधान तुरन्त किया जायेगा।



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