कांग्रेस ने बताया कि 27 जून को झूठे तथ्यों के आधार पर जीतू पटवारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई। पटवारी 25 जून को ओरछा दौरे पर थे, जहां स्वयं पीड़ितों ने उनसे मुलाकात कर मदद मांगी थी। उस दौरान की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है।
FIR को बताया राजनीतिक दबाव का परिणाम ज्ञापन में कहा गया कि इस मामले में पटवारी ने वहीं के कलेक्टर से भी चर्चा की थी। इसके बावजूद भाजपा ने पीड़ितों पर दबाव बनाकर शपथ पत्र दिलवाया और उसी आधार पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया।
कांग्रेस की मांग कांग्रेस नेताओं ने FIR को तुरंत निरस्त करने, प्रजातांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुधारने की मांग की है ताकि प्रदेश में अनाचार और अत्याचार की घटनाएं न हों।
ज्ञापन देने पहुंचे ये नेता इस दौरान शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, पूर्व विधायक पारस दादा सकलेचा, नेता प्रतिपक्ष शांतिलाल वर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम चाहर, कार्यवाहक अध्यक्ष फैयाज मंसूरी, शैलेंद्र सिंह अठाना, महामंत्री राजीव रावत, उप नेता कमरुद्दीन कछवाय, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बसंत पंड्या और इक्का बैलूत सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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