कोर्ट ने सुनवाई के बाद 29 आरोपियों को जेल भेजने और 9 आरोपियों को पुलिस रिमांड पर देने के आदेश जारी किए।
डिप्टी प्रेम कुमार ने बताया कि गिरोह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित कई सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपए हड़प रहा था। ये आरोपी विभिन्न राज्यों में फैले नेटवर्क के ज़रिए सरकारी पोर्टल्स में घुसपैठ कर फर्जी खाते बनाते और रकम ट्रांसफर करते थे। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सहयोगियों, फर्जी बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शनों की जांच में जुटी है। इसके लिए डिपार्टमेंट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (DOIT) और साइबर क्राइम विशेषज्ञों की तकनीकी मदद ली जा रही है। जयपुर से विशेष टीमें भी जांच में सहयोग कर रही हैं। कार्रवाई के दौरान डिप्टी मनोज सोनी, सीआई मुकेश मीना, सीआई पवन मीना सहित साइबर थाने का पूरा जाब्ता मौके पर मौजूद रहा।


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