झालावाड़: पिपलोदी हादसे ने कई परिवारों से उनके नन्हे बच्चों को छीन लिया था। उन में से दो माताएँ बिनती बाई पत्नी छोटूलाल और राजू बाई पत्नी हुकमचंद ऐसी भी थीं जिन्होंने हादसे से पहले ही परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत नसबंदी ऑपरेशन करवा रखा था। हादसे के बाद उनके सामने मातृत्व सुख खोने का दोहरा दुःख खड़ा था। इन दोनों महिलाओं की पीड़ा को समझते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह ने जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ को निर्देश दिए थे कि दोनों महिलाओं की नसबंदी पुनः खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि वे फिर से माँ बन सकें।
कलक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान ने विशेषज्ञ मेडिकल टीम गठित की। टीम ने चिकित्सकीय जाँच के बाद दोनों महिलाओं की री-एनालाइजेशन सर्जरी कराने की अनुमति दी। पहले राजू बाई का ऑपरेशन हीरा बाई कँवर जनाना चिकित्सालय, झालावाड़ में करवाया गया था। आज बिनती बाई का नसबंदी ऑपरेशन उसी चिकित्सालय में डॉ. मधुरीमा वर्मा और उनकी टीम द्वारा किया गया। बिनती बाई ने हादसे में अपने दो बच्चों 10 वर्षीय बेटी मीना और 7 वर्षीय बेटे कान्हा को खोया था। डॉ. साजिद खान ने बताया कि दोनों माताओं का ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है और अब वे पुनः मातृत्व सुख प्राप्त कर सकती हैं।


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