3 लाख के लेन-देन की कहानी निकली फर्जी
पुलिस के अनुसार 15 दिसंबर को भैसोदामंडी निवासी राजकुमार उर्फ राजू गुर्जर (48), साबिर अहमद (45) और भवानीमंडी निवासी अनिल योगी उर्फ अन्नू (42) थाने पहुंचे थे। तीनों ने 3 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद होना बताया। शुरुआती बयान सामान्य लगे, लेकिन पुलिस को शक हुआ। जांच आगे बढ़ी तो पूरा मामला ही पलट गया।
जुआ-सट्टा, जीत और ब्याज की असल सच्चाई
जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी संगठित रूप से जुआ-सट्टा चला रहे थे। सट्टे में अनिल योगी के जीतने के बाद राजकुमार और साबिर से जीती गई रकम पर हर माह ब्याज वसूलने की शर्त तय हुई थी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और बाद में इसे लेन-देन का मामला बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई।
2 दिन की पीसी रिमांड, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 दिन की पीसी रिमांड पर लिया है। अब जुआ-सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन के पूरे रैकेट की गहराई से जांच की जा रही है। कार्रवाई के बाद इलाके के सट्टेबाजों में हड़कंप मचा हुआ है।
आरोपियों का प्रोफाइल
अनिल उर्फ अन्नू योगी: थाना भवानीमंडी का सक्रिय हिस्ट्रीशीटर। हत्या, हत्या का प्रयास, एनडीपीएस और जुआ-सट्टा सहित आधा दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज। चर्चित हर्ष शर्मा हत्याकांड में सालभर पहले जमानत पर बाहर आया था।
राजकुमार उर्फ राजू गुर्जर: भैसोदामंडी (मप्र) निवासी। भवानीमंडी बायपास के पास ढाबा और जिम संचालक।
साबिर खान: भैसोदामंडी (मप्र) निवासी। प्रॉपर्टी ब्रोकिंग करता है, साथ ही ब्याज-बट्टे के धंधे से भी जुड़ा है।
झालावाड़ जिला एसपी अमित कुमार का कहना है कि सट्टे और अवैध वसूली से जुड़े लोगों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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