![]() |
| रेलवे अधिकरियो को समझाते जनप्रतिनिधि |
उनका कहना था कि इस रास्ते को बंद करने से जनता को स्टेशन तक पहुँचने में भारी परेशानी होगी। पार्षद मनोहर सैनी ने दावा किया कि यह मार्ग स्टेट के समय से ही स्व. माधवराजे सिंधिया द्वारा दिया गया था और उसके दस्तावेज भी उनके पास मौजूद हैं। पूर्व सरपंच श्याम गुर्जर ने भी निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल पर आपत्ति जताते बोले कि रास्ता ब्लॉक होगा तो पहले से ही संकरी सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनेगी। आम नागरिकों के लिए स्टेशन पहुँचना मुश्किल हो जाएगा। रेलवे अधिकारियों ने मौके पर बताया कि परियोजना के नक्शे में दो प्रवेश द्वार प्रस्तावित है। एक स्टेशन चौराहा स्थित मुख्य गेट और दूसरा एमपी सीमा में पानी की टंकी के पास। लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दूसरी लोकेशन को असुविधाजनक और भैसोदा की पहचान से दूर बताते हुए असहमति जताई। तनाव बढ़ता देख प्रतिनिधियों ने डीआरएम और सांसद को ज्ञापन देने का फैसला किया। इस खींचतान के बीच लगभग एक घंटे तक निर्माण कार्य बाधित रहा।
![]() |
| बाउंड्रीवाल निर्माण के चलते इस तरह लग रहा जाम |
भवानीमंडी रेलवे स्टेशन की खासियत यह है कि यह राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित है। इसी विशेषता को ध्यान में रखते हुए सीमा दर्शाने वाले प्रतीकात्मक गेट का निर्माण भी प्रस्तावित है। लेकिन एमपी की ओर से स्टेशन का प्रवेश द्वार सामने न रखकर दूर टंकी क्षेत्र में प्रस्तावित किए जाने से स्थानीय लोगो में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि इससे भैसोदा की पहचान दबकर रह जाएगी और लोगों की आवाजाही भी कठिन हो जाएगी। इसलिए पुराने पारंपरिक मार्ग को ही चालू रखने और वहीं नया प्रवेश द्वार बनाने की मांग की जा रही है। इस दौरान भुरू मामू, हेमंत गुर्जर, जाकिर मिंडा सहित कई लोग मौजूद रहे।



Post a Comment