मिली जानकारी के अनुसार यह मामला भैसोदामंडी के एक निजी स्कूल में अध्ययनरत छात्र के अभिभावक द्वारा सामने लाया गया। अभिभावक ने बताया कि हिस्ट्री एंड सिविक्स नामक पुस्तक में ऐसा तथ्य प्रकाशित है, जो ऐतिहासिक रूप से गलत है। इस पर स्कूल प्रशासन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित प्रकाशन से संपर्क किया। प्रकाशन की ओर से इसे मिस प्रिंट बताया गया।
दरअसल, पुस्तक में यह उल्लेख किया गया था कि “1562 ई. में जयपुर (आमेर) के राजा भार मल की बेटी से शादी करके अकबर ने हिंदुओं के प्रति अपनी धर्मनिरपेक्ष नीति का प्रदर्शन किया। उसने मेवाड़ के राजा उदय सिंह की बेटी से भी शादी की।” इस कथन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों की संयुक्त कक्षा आयोजित कर संबंधित पुस्तक में लिखे गए “ अकबर ने मेवाड़ के राजा उदय सिंह की बेटी से भी शादी की” वाक्य को ब्लैक मार्कर से ढकवा दिया। साथ ही विद्यार्थियों को समझाया गया कि किताब में लिखी हर बात सत्य हो, यह जरूरी नहीं है, क्योंकि किताब भी मनुष्य द्वारा ही लिखी जाती है। पूरे मामले को लेकर करनी सेना के बंटी हाड़ा ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि यह केवल एक गलती नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश है, जिसके तहत हिंदुत्व और राजपूताना सम्राटों के इतिहास को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मुगल शासकों ने भारत को लूटने का काम किया, उनका महिमामंडन पाठ्य पुस्तकों में किया जा रहा है, जो किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बोर्ड और प्रकाशन के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।



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