ब्रेक यान बना जुआघर
ताजा मामला अकलेरा–कोटा पैसेंजर ट्रेन (59839) का सामने आया है। इस ट्रेन में कुछ अप-डाउन करने वाले लोगों ने ब्रेक यान पर कब्जा कर ताश के पत्तों से जुआ खेला। बताया गया कि इनमें से अधिकांश लोग बिना टिकट थे और इन्होंने रेल कर्मचारियों तक को ब्रेक यान में प्रवेश नहीं करने दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जुआ खेलने वाले लोग मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन दांव लगा रहे थे। इस दौरान एक व्यक्ति के अकलेरा से कोटा तक करीब 10 हजार रुपए जीतने की भी चर्चा है। जुआ खेलते लोगों का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पैसों के लेन-देन की बातें स्पष्ट सुनाई दे रही हैं।
नियमों के अनुसार ब्रेक यान का डिब्बा सामान्यतः बंद रहना चाहिए, लेकिन कई बार रनिंग स्टाफ या रेल कर्मचारियों की आवश्यकता के चलते इसे खुला रखा जाता है। इसी का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व इस डिब्बे पर कब्जा कर लेते हैं।
इस पूरे मामले ने रेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने मांग की है कि ट्रेनों में नियमित जांच और सख्ती बरती जाए, ताकि चलती ट्रेन में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मिल सके।
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