ज्ञापन के अनुसार पोरवाल ट्रेडिंग कंपनी के पीछे स्थित सेफ्टी वॉल गिर चुकी है, जिससे सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। वहीं, पास ही क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत और खुले नालों पर जाली व ढकान लगाने की मांग की गई है। मंडी परिसर में कई स्थानों पर नालियों की जालियां टूटी हुई हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
गंदगी, पेयजल और रोशनी भी बड़ी समस्या
मंडी परिसर में फैली गंदगी व कचरे की नियमित सफाई नहीं होने से हालात बिगड़े हुए हैं। पेयजल टंकियों व वाटर कूलरों की सफाई कराने तथा किसानों व व्यापारियों के लिए ट्रॉलियों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति दोबारा शुरू करने की मांग भी उठाई गई है। इसके साथ ही टावर लाइट व अन्य बंद पड़ी लाइटों को चालू कराने, टूटे पोल हटवाने और पूरे परिसर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की जरूरत बताई गई है।
यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस
सीजन के दौरान मंडी गेट पर लगने वाले जाम और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मेन गेट पर दो चौकीदार तैनात करने की मांग की गई है, ताकि यातायात सुचारू रहे और किसी प्रकार की जनहानि की आशंका न बने। इसके अलावा, जिन्स आवक सीजन में दिन में कम से कम दो बार पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने, सभी सीसीटीवी कैमरों को सुचारू रखने तथा बंद कैमरों को चालू या नए लगाने की मांग की गई है।
सीसी सड़क और जलभराव की समस्या
ज्ञापन में गुप्ता ट्रेडिंग के पीछे तथा एस.डी. व संतोष मामा के पीछे बनी नई सीसी सड़क पर बारिश के दौरान जलभराव से किसानों के माल को हो रहे नुकसान का भी उल्लेख किया गया है। इन स्थानों पर जल निकासी सुधारने की मांग की गई है।
बंद जनरेटर भी बने सिरदर्द
मंडी परिसर में बंद पड़े जनरेटर को शीघ्र चालू कराने की भी मांग की गई, ताकि बिजली कटौती के समय कामकाज प्रभावित न हो। ज्ञापन सौंपने वालों ने उम्मीद जताई कि मंडी प्रशासन सीजन शुरू होने से पहले सभी समस्याओं का समाधान कर किसानों व व्यापारियों को राहत प्रदान करेगा। इस दौरान अध्यक्ष सुदीप सालेचा, सचिव अंकित जैन, कोषाध्यक्ष राजेश जैन, पुरुषोत्तम कचोलिया, पूर्व अध्यक्ष राजेश नागर, गोविंद गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, नितिन मंगल, सन्तोष मामा, अर्पित पाटनी, प्रह्लाद सिंह, अजय गुप्ता, विमल गुप्ता, मनोहर पोरवाल, पीडी गुप्ता आदि मौजूद रहे।

Post a Comment