पक्षी की स्थिति गंभीर देख वे उसे तुरंत रामनगर पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने निजी डॉक्टर से उपचार करवाया, जिससे पक्षी की हालत में सुधार हुआ।
उपचार के बाद अनवर खान ने पक्षी को सुरक्षित रूप से क्षेत्रीय वनपाल इसरायल खान को सौंप दिया। वन विभाग द्वारा पहचान करने पर पता चला कि यह महाराष्ट्र का राज्य पक्षी ‘हरियल’ (पीला-पांव हरा कबूतर) है। वनपाल इसरायल खान ने बताया कि हरियल पेड़ों पर रहने वाला शांत स्वभाव का पक्षी है और प्राकृतिक संतुलन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच सकी।
अनवर चौधरी की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि हर नागरिक घायल पक्षियों और वन्यजीवों के प्रति ऐसी ही संवेदनशीलता दिखाए, तो अनेक जीवों की जान बचाई जा सकती है।

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