भैसोदामंडी: नगर परिषद के समीपवर्ती गांव गोविंदखेड़ा में स्कूली बच्चों के लिए बनाए गए मध्यान भोजन में कील निकलने का मामला सामने आया है। कील वाला भोजन खाने से 13 वर्षीय छात्र गोलू (पिता दिनेश) के मुंह व जीभ तक छिल जाने की सूचना है। घटना माध्यमिक विद्यालय की है, जिसके बाद गांव में आक्रोश फैल गया और अभिभावकों ने स्कूल परिसर में विरोध जताया।
भोजन में कैसे पहुंची कील?
मिली जानकारी के अनुसार चूल्हे पर भोजन तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान जलती लकड़ी से उछली एक कील दाल में गिर गई। परोसने के बाद जब छात्र ने भोजन किया तो कील मुंह में आ गई, जिससे उसकी जीभ छिल गई। परिजनों ने तुरंत उसे प्राथमिक उपचार दिलाया।
घटना की खबर मिलते ही ग्रामीण एकत्रित हो गए। सरपंच कैलाश वर्मा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने मध्यान भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सूचना पर नगर पंचायत सीईओ समीक्षा सोनगरा के नेतृत्व में जांच दल गांव पहुंचा। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन व मध्यान भोजन बनाने वाले समूह से पूछताछ की। जानकारी के अनुसार मध्यान भोजन का संचालन रीना स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जा रहा था, जिसकी अध्यक्ष गीता बाई निवासी भैसोदा हैं।
सूचना पर इंस्पेक्शन किया था। कील खाने में कैसे गुई इसकी कोई जानकारी नही मिल पाई। स्वयं सहायता समूह को वार्निंग दे दी है कि अगर आगे से ऐसा कुछ होता है तो एग्रीमेंट निरस्त कर दिया जाएगा।
:- समीक्षा सोनगरा, जनपद पंचायत सीओ भानपुरा

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