भवानीमंडी: देश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की जयंती पर नगर में स्थित उनकी प्रतिमा पर किसी भी राजनीतिक दल द्वारा माल्यार्पण या श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं किए जाने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। भवानीमंडी नगर में नगर के बीचोबीच स्व. माधवराव सिंधिया की प्रतिमा स्थापित है। इसी नाम से यहां माधवराव सिंधिया कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण कई वर्ष पहले कांग्रेस की नगर सरकार के दौरान तत्कालीन चेयरमैन कैलाश बोहरा के कार्यकाल में कराया गया था। उस समय इसे शहर के प्रमुख विकास कार्यों में गिना गया था। लेकिन विडंबना यह रही कि इस वर्ष उनकी जयंती के अवसर पर न तो कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और न ही भाजपा नेताओं ने उन्हें याद किया। पूरे दिन प्रतिमा स्थल सूना रहा और प्रतिमा धूल से सनी दिखाई दी। इतना ही नहीं, प्रतिमा परिसर का उपयोग भी माल गोदाम की तरह किए जाने की स्थिति है। वर्तमान में नगर पालिका का निर्वाचित बोर्ड समाप्त हो चुका है और निकाय चुनाव होने तक प्रशासनिक व्यवस्था प्रशासक के माध्यम से संचालित की जा रही है। ऐसे में शहर के प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी इस ऐतिहासिक व्यक्तित्व को याद नहीं किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
स्व. माधवराव सिंधिया ग्वालियर राजघराने से ताल्लुक रखते थे और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में उनकी गिनती होती थी। उनके पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया भी पहले कांग्रेस में रहे, लेकिन बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। उनके भाजपा में जाने के बाद मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार लगभग 15 महीनों में ही गिर गई थी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिन नेताओं के नाम पर शहर में स्मारक और भवन बने हैं, कम से कम उनके विशेष दिवस पर उन्हें याद करना राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बनती है।
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