एसपी सुजीत शंकर ने बताया- 21 मई की रात सरोज मिनरल वाटर प्लांट से पिकअप चोरी होने की शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, कई स्थानों के बीटीएस डेटा और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल का विश्लेषण किया।
पूर्व कर्मचारी था मुख्य आरोपीजांच के दौरान पता चला कि मुख्य आरोपी यशोदा नंदन उर्फ कपिल चौबदार पहले इसी प्लांट में चालक के तौर पर काम कर चुका था। उसे प्लांट की आंतरिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। उसने इसी का फायदा उठाकर अपने साथियों नरेश बागरी और भरत बागरी के साथ मिलकर पिकअप चोरी की योजना बनाई। चोरी के बाद वाहन को छिपाकर बेचने की तैयारी की जा रही थी।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 29 और 30 मई को कार्रवाई की। इस दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर चोरी की गई पिकअप बोलेरो बरामद कर ली गई।
रामगंजमंडी के रहने वाले है तीनों आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यशोदा नंदन उर्फ कपिल चौबदार (24), नरेश बागरी (22) और भरत बागरी (23) के रूप में हुई है। ये सभी रामगंजमंडी क्षेत्र के निवासी हैं। मामले में आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई में आरपीएस प्रोबेशनर अंकित कुंडी, थानाधिकारी संदीप शर्मा और उपनिरीक्षक सुरेश कुमार सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
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