सौरभ जैन ने बताया- नागदा-रतलाम रेलखंड पश्चिम रेलवे का अत्यधिक व्यस्त मार्ग है। इस खंड पर परिचालन स्लॉट और ब्लॉक कॉरिडोर से जुड़ी तकनीकी बाधाओं के कारण वर्तमान में मेमू सेवा का रतलाम तक विस्तार संभव नहीं है।
उज्जैन तक मिलेगी नई कनेक्टिविटी
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने कोटा-चौमहला मेमू सेवा को उज्जैन तक विस्तारित करने की स्वीकृति प्रदान की है। इससे कोटा मंडल के यात्रियों को उज्जैन तक सीधी मेमू सेवा उपलब्ध होगी और क्षेत्रीय रेल संपर्क को मजबूती मिलेगी।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस पुनर्गठन के तहत किसी भी स्टेशन की रेल सेवा समाप्त नहीं की गई है। कोटा मंडल की दो मेमू सेवाओं में से एक को उज्जैन तक बढ़ाया गया है, जबकि दूसरी सेवा चौमहला तक संशोधित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होगी।
मध्यवर्ती स्टेशनों को पहले जैसी सुविधा
नई व्यवस्था के तहत रामगंजमंडी, भवानीमंडी, शामगढ़, चौमहला, आलोट, महिदपुर और नागदा सहित सभी मध्यवर्ती स्टेशनों के यात्रियों को पूर्ववत रेल सुविधा मिलती रहेगी।
रेलवे प्रशासन के स्पष्टीकरण के बावजूद कोटा-नागदा रेलखंड के कई यात्री इस निर्णय से असंतुष्ट हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबे समय से कोटा-चौमहला मेमू को रतलाम तक तथा कोटा-नागदा मेमू को उज्जैन तक बढ़ाने की मांग की जा रही थी, लेकिन रेलवे ने इसके विपरीत निर्णय लिया है।
रतलाम तक विस्तार की मांग जारी
यात्रियों का तर्क है कि समय-सारिणी में मामूली बदलाव कर कोटा-चौमहला मेमू को आसानी से रतलाम तक संचालित किया जा सकता है। उनका आरोप है कि अधिकारी अपने निर्णय को सही साबित करने के लिए तकनीकी तर्क दे रहे हैं, जबकि यात्रियों की वास्तविक मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
जल्द शुरू होगी नई व्यवस्था
रेलवे द्वारा घोषित नई समय-सारिणी के अनुसार गाड़ी संख्या 61624 कोटा से सुबह 5:45 बजे रवाना होकर दोपहर 12:00 बजे उज्जैन पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 61623 उज्जैन से दोपहर 12:30 बजे प्रस्थान कर शाम 7:00 बजे कोटा पहुंचेगी।
इसी प्रकार गाड़ी संख्या 61616 कोटा से सुबह 7:05 बजे रवाना होकर सुबह 10:25 बजे चौमहला पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 61615 चौमहला से सुबह 10:45 बजे रवाना होकर दोपहर 2:00 बजे कोटा पहुंचेगी।
संचालन तिथि की घोषणा शेष
रेलवे प्रशासन के अनुसार नई व्यवस्था के तहत ट्रेनों के संचालन की तिथि की घोषणा शीघ्र की जाएगी। रेलवे का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों की मांग, उपलब्ध परिचालन संसाधनों और क्षेत्रीय रेल संपर्क को ध्यान में रखकर लिया गया है।

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