एमपी में पारा लुढ़का, 24 से नया सिस्टम:दिन के पारे में 2 डिग्री की गिरावट

 

मध्यप्रदेश में शुक्रवार से दिन का तापमान फिर से लुढ़क गया। कई शहरों में पारे में 2 डिग्री तक की गिरावट हुई है। मौसम विभाग ने रात के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने की संभावना जताई है। शनिवार को भोपाल-ग्वालियर में बादल छा सकते हैं, जबकि इंदौर, उज्जैन में आसमान साफ रहेगा।

मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। वर्तमान में दक्षिण पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम है। वहीं, उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में भी मौसम बदला है। शुक्रवार से दिन के पारे में गिरावट का दौर शुरू हो गया।

भोपाल, इंदौर-उज्जैन में भी लुढ़का पारा

प्रदेश में शुक्रवार को पारे में उतार देखने को मिला। कई शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, धार, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम, खजुराहो, नरसिंहपुर, उमरिया में पारे में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, गुरुवार-शुक्रवार की रात में भी पारे में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

24 से फिर एक्टिव होगा सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार, 24 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। जिसका असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है।

फरवरी में ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार रैकवार ने बताया, फरवरी में कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होते हैं। अबकी बार भी ऐसा ही है। इस वजह से पारे में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। फिलहाल बारिश होने के आसार नहीं है।

अगले 2 दिन ऐसा मौसम

  • 22 फरवरी: भोपाल में बादल छा सकते हैं। अन्य शहरों में भी पारे में गिरावट हो सकती है।
  • 23 फरवरी: दिन-रात के तापमान में कमी देखने को मिल सकती है।
फरवरी में 10 साल का ट्रेंड... तीनों मौसम का असर
प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा, जबकि रात में 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इससे पहले 5 डिग्री के नीचे ही रहा है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है।

इस बार 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर
इस बार शुरुआती दो महीने यानी, नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा।
वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए।

अब बात जनवरी की। शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है।

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