खुद को आग लगाने वाले आरोपी की मौत, रतलाम के डीडी नगर थाना में किया था आत्मदाह

रतलाम: डीडी नगर पुलिस थाना परिसर में खुद को आग लगाने वाले आरोपी की बुधवार देर रात मौत हो गई है। पिछले 6 दिनों से आरोपी का इंदौर में इलाज चल रहा था। आरोपी की मौत के बाद एसपी अमित कुमार ने सीएसपी और थाना प्रभारी को नोटिस जारी किया है। पूरे घटनाक्रम की जांच सबडिवीजन (रतलाम) से बाहर के सीएसपी स्तर के अधिकारी से जांच कराई जाएगी। परिजन इंदौर से एंबुलेंस से शव लेकर रतलाम पहुंच गए है। घर के आसपास पुलिस भी मौजूद रही।

  • शुक्रवार(21 फरवरी) रात करीब 12 बजे आदतन अपराधी अजय पंवार (35) नशे की हालत में डीडी नगर पुलिस थाने पहुंचा था। अजय अपने साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाने लगा। पुलिसकर्मी उसे समझा रहे थे तभी शोर-शराबा करते हुए उसने माचिस जला कर खुद को आग लगा ली। वह 50 प्रतिशत तक झुलस गया था। इस दौरान हेड कॉन्स्टेबल राजेंद्र मेवाड़ा, कॉन्स्टेबल राकेश, एएसआई मुरली मकवाना और पुलिसकर्मी जगदीश आग बुझाने के कोशिश की जिससे उनके हाथ भी झुलस गए थे। आग बुझाने का सीसीटीवी भी सामने आया था।

अलग से होगी जांच: इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व में एसपी अमित कुमार एसआईटी गठित कर चुके हैं। अजय के साथ हुई मारपीट के बाद कार्रवाई क्या की गई, इस मामले में एसपी ने सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया व डीडी नगर थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया को शोकाज नोटिस जारी किया है। एएसपी राकेश खाखा से पूरी जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा अजय की मौत के बाद एसपी ने सबडिवीजन के बाहर के अधिकारी (सीएसपी स्तर) से जांच कराने की बात कही है।

प्राथमिक जांच में यह आया था सामने: पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया था कि अजय खुद अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़कर आया और थाना परिसर में आग लगा ली। जिसे पुलिसकर्मी तुरंत मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। वहां से इंदौर से रेफर कर दिया। तब वह इंदौर में भर्ती था।

ऑटो चालक की हत्या का आरोपी है अजय: पुलिस के अनुसार, अजय शहर में एक ऑटो चालक की हत्या का आरोपी है। मामले में कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कुछ दिन से वह जमानत पर था। इसी मामले में 9 जनवरी को गवाहों के खिलाफ वह मारपीट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करवा चुका है। उसने शिकायत में बताया था कि 28 दिसंबर को गवाहों ने उससे मारपीट की थी। उसकी शिकायत पर पुलिस ने ईश्वर नगर के रहने वाले​​​​​​ करण कटारा, राहुल कटारा, मुकेश कटारा, कला कटारा, अनीता कटारा, विकास पोरवाल और आयन के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने मुकेश कटारा व करण कटारा को सोमवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

कोर्ट सुना चुका था आजीवन कारावास की सजा: 6,7 सितंबर 2013 को दिव्यांग ऑटो ड्राइवर नरेंद्र सिंह की उसी के ऑटो में हत्या कर उसे जला दिया था। चश्मदीद गवाह के आधार पर पुलिस ने 9 सितंबर 2013 को आरोपी अजयसिंह उर्फ अज्जू पिता मदनसिंह पंवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। 2016 में कोर्ट ने गवाह के बयानों और सबूतों के आधार पर उसे दोषी माना। आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तब से वह जेल में था। कुछ समय पहले ही अजय जमानत पर बाहर आया था।

पूर्व से 6 मामले दर्ज: अजयसिंह उर्फ अजय चोटी के खिलाफ पूर्व से 6 आपराधिक मामले दर्ज है। इनमें डीडी नगर पुलिस थाने में 2, माणकचौक थाने में 2, स्टेशन रोड व नामली पुलिस थाने में 1-1 मामला दर्ज है। थाना परिसर में सुसाइड करने की कोशिश का भी पुलिस ने केस दर्ज किया था।

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