जिला स्तर पर चयनित सभी प्रतिभागियों को 10,000 रुपए की राशि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हेमराज पारेता, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक रहे।उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान यदि समाज के उत्थान के लिए है तो वह वरदान है। विज्ञान को सार्वभौमिक बनाना बाल वैज्ञानिकों किए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
वैज्ञानिकों को पूर्ण मनोयोग से अपने आसपास की समस्याओं के निराकरण के लिए कार्य करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि के रूप में दिनेश बाथरा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भवानीमंडी, श्यामलाल वर्मा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुनेल रहे। कार्यक्रम के सुचारू अवलोकन के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सीनियर रिसर्च एसोसिएट विरल चौधरी गांधीनगर से जूरी के रूप में रहे। अन्य जूरी सदस्यों के रूप में दिनेश राठौर प्रधानाचार्य सुनेल, अब्दुल सलाम व्याख्याता डग, डॉक्टर दिव्येंदु सेन व्याख्याता पचपहाड़, उज्जवल तोतला व्याख्याता सरोद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य सुरेश मालवीय ने दैनिक जीवन में विज्ञान की उपयोगिता पर विशेष व्याख्यान दिया। कार्यक्रम प्रभारी व संचालक जितेंद्र खंडेलवाल रहे।



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