बलूचिस्तान का बशीर…वो BLA कमांडर जिसने पाकिस्तान और चीन दोनों को एकसाथ सबक सिखाया

पाकिस्तान में हालिया ट्रेन हाईजैकिंग के बाद बलूच लिबरेशन आर्मी और इसके कमांडर इन चीफ बशीर जेब चर्चा में हैं. जेब के नेतृत्व में बीएलए ने पाकिस्तानी सेना को कड़ी चुनौती दी है. 2018 में बीएलए की कमान मिलने के बाद जेब ने उसे एक शक्तिशाली संगठन बनाया है. जेब की रणनीति और आत्मघाती हमलावरों का प्रयोग पाकिस्तान के लिए बड़ी चिंता का विषय है.

पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक के बाद बलूचिस्तान के बलोच आर्मी की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. बलोच के 40 लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना को घुटने पर ला दिया है. 2000 में गठित बलोच लिबरेशन आर्मी का मुखिया वर्तमान में बशीर जेब हैं. बीएलए के भीतर बशीर जेब का पद कमांडर इन चीफ यानी सैन्य प्रमुख का है.
जेब को 2018 में बीएलए की कमान मिली. प्रमुख बनने से पहले जेब कोर कमेटी के प्रमुख मेंबर थे. जेब के आने के बाद से ही बलूचिस्तान में बीएलए की गूंज सुनाई दे रही है. देश के बड़े नेताओं तक को कहना पड़ रहा है कि बलूचिस्तान पर से सरकार का नियंत्रण खत्म हो रहा है.

40 साल के बशीर जेब बलौच कौन हैं?

पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार किया बलोच के मुताबिक जेब की उम्र अभी 40 के आसपास है. जेब मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं. आजादी की लड़ाई के मकसद से वे बीएलए से जुड़े. धीरे-धीरे अपनी रणनीति के दम पर जेब बशीप बलोच लिबरेशन आर्मी के शीर्ष पद पर पहुंच गए.

पाकिस्तानी अखबार ट्रिब्यून के मुताबिक दिसंबर 2018 में एक सीक्रेट ऑपरेशन के जरिए पाकिस्तान की सेना ने बलोच लिबरेशन आर्मी के प्रमुख असलम बलोच को काबुल में मार गिराया, जिसके बाद बीएलए की कमान जेब बशीर को सौंपी गई.

जेब बशीर के पिता बलूचिस्तान के मशहूर डॉक्टर हैं. जेब का घर बलूचिस्तान की प्रांतीय राजधानी क्वेटा से लगभग 145 किलोमीटर पूर्व में स्थित नुश्की कस्बे में है. जेब मुहम्मद हसनी जनजाति से ताल्लुक रखते हैं, जो दक्षिणी बलूचिस्तान के कई जिलों में फैली सबसे बड़ी जनजातियों में से एक है.

जेब के पास इंजीनियरिंग की डिग्री है. जेब ने अपनी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई क्वैटा के डिग्री कॉलेज से पूरी की है. 2012 में जेब बीएलए से आजाद मिशन के तहत जुड़ गए, जिसके बाद वे इसी संगठन में हैं.

जेब के आने से बीएलए को मिली मजबूती


किया बलोच के मुताबिक जेब बशीर के संगठन में आने से बीएलए काफी मजबूत हुआ. जेब ने घात लगाकर हमले को जहां बढ़ावा दिया. वहीं उसके रहते सोशल मीडिया का इस्तेमाल बीएलए के लड़ाके करने लगे. आए दिन सोशल मीडिया के जरिए बीएलए के लड़ाके चीन और पाकिस्तान की सेना को धमकी देता है.

प्रमुख बनने के बाद जेब ने आत्मघाती हमलावर तैयार किए. बलूच इलाके में इसके लिए उसने महिलाओं को आगे किया. बलूच की सुसाइड बॉम्बर महिलाएं बुर्के में जैकेट पहनकर बम रखी रहती हैं.

जेब के नेतृत्व में बीएलए पाकिस्तान के साथ-साथ चीनी सैनिकों को भी मारने में पीछे नहीं है. जेब के तालिबान से भी रिश्ते ठीक हैं, जिसके कारण पाकिस्तान की सेना इस इलाके में खुद को असहाय महसूस कर रही है.

जेब ने बलोच लिबरेशन आर्मी में नए लोगों को भी जोड़ा, जिसके कारण पाकिस्तान की सेना से ज्यादा पढ़े-लिखे लड़ाके बीएलए में हो गए हैं. इस वजह से भी पाकिस्तान की सेना बीएलए से मात खा जा रही है.



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