कोटा : बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के उज्ज्वल विहार इलाके में एक मकान के कमरे के अंदर पंखे से रस्सी का फंदा बना कर लोको पायलट ने आत्महत्या कर ली। लोको पायलट के पास एक सुसाइड नोट भी मिला जिसमें उसने इसका जिम्मेदार उसकी पत्नी और ससुर को ठहराया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को एमबीएस अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया है। पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सोपा होगा।
मृतक के बड़े भाई नरेंद्र मालव ने बताया कि लोकेश मालव (35) पिछले 8 सालों से रेलवे में लोको पायलट की नौकरी कर रहा था। पिछले 2 सालों से उसकी पत्नी सरोज मालव से घरेलू विवाद चल रहा था। इसलिए उसकी पत्नी पीहर में ही रहती थी। वह भी सरकारी नौकरी में एलडीसी के पद पर है। लोकेश अपने 4 साल के बेटे से मिलने जाता था तो उसका ससुर और पत्नी मिलने नहीं देते थे। उन्हीं से परेशान होकर लोकेश ने अपने मकान के अंदर से रस्सी से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया।भाई घर पहुचा तब पता लगा
मृतक के भाई नरेंद्र ने बताया कि लोकेश के साथ एक दोस्त भी रह रहा था। उसके दोस्त के ड्यूटी जाने के बाद लोकेश ने सुसाइड किया। लोकेश को भी ड्यूटी पर जाना था। उसे पूरे दिन मैंने फोन किया लेकिन उसने फोन नही उठाया। शाम को जब उसके घर पर जाकर देखा तो लोकेश ने सुसाइड कर लिया मैंने तुरंत बोरखेड़ा थाना पुलिस को सूचना कर मौके पर बुलाया।
बोरखेड़ा थाने के एएसआई सुरेश गोचर ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली की उज्जवल बिहार में किसी ने अपने मकान के अंदर सुसाइड कर लिया। मौके पर पहुंचे। युवक की डेड बॉडी को उतार कर एमबीएस अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में शिफ्ट करवाया। कोटा के बड़ोद गांव का रहने वाला मृतक लोकेश। करीब 2 साल से वह पत्नी से अलग रह रहा था। मृतक लोको पायलट लोकेश के पास एक सुसाइड नोट मिला जिसमे उसने लिखा कि उसकी पत्नी 2 साल से नही आ रही है। उसके 4 वर्ष का लड़का है। पत्नी भी सरकारी नोकरी में है जिसके चलते वह परेशान होकर आत्महत्या कर रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने शव मोर्चरी पर लगवा कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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