सिर्फ़ आप अफ़सरों को ही लगती है। गर्मी में पेयजल संकट के कारण जनता त्रस्त हैं, अफ़सर तृप्त है। पानी कागजों में नहीं, लोगों के होठों तक पहुँचे। अफ़सर सो रहें है, लोग रो रहें हैं। मैं ऐसा नहीं होने दूँगी। उन्होंने सख़्त लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 42 हज़ार करोड़ जल जीवन मिशन में दियें हैं। पाई- पाई का हिसाब दो कि झालावाड़ के हिस्से की राशि का आपने क्या किया ? पेयजल संकट निवारण के लिए हमारी सरकार तो पैसा दे रही है, लेकिन अफसर योजनाओं की सही क्रियान्विति नहीं कर रहे।
इसलिए राजस्थान के लोग प्यास से व्याकुल है। यह तो अप्रेल का हाल है। जून- जुलाई में क्या होगा ? अधीक्षण अभियंता दीपक सिंह झा सहित वहा उपस्थित कोई अधिकारी संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाये, तो उन्होंने साफ़ कहा कि लोगों के धैर्य की परीक्षा मत लीजिए। यहा ऐसा हरगिज नहीं चलेगा। उनके पुत्र व झालावाड़- बारां सांसद दुष्यंत सिंह भी उनके साथ थे। इसके बाद उन्होंने कड़ोदिया गांव में सीएचसी भवन व मथानिया में पीएचसी भवन का उद्घाटन किया।
Post a Comment