लेखनी से सेवा की पराकाष्ठा
“मैं हृदय से अभिनंदन करता हूँ उस लेखनी का, जिसने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा और राष्ट्र धर्म का एक दृढ़ साधन बनाया। राजेश कुमरावत जी की रिपोर्टिंग में हमें गौमाता की व्यथा और देश की दिशा दोनों का समन्वय दिखता है। यह राष्ट्र निर्माण की एक मौन क्रांति है।”
जैविक कृषि का प्रेरणादायी नेतृत्व
“इन्होंने केवल किसानों से संवाद नहीं किया, बल्कि उन्हें दिशा दी। कोटा, झालावाड़, बारां जैसे जिलों में रासायनिक खेती को छोड़ जैविक जीवनशैली को अपनाने की जो अलख जगाई, वह स्वयं में एक यज्ञ है। यह कार्य केवल कृषि नहीं, संस्कृति का पुनर्जागरण है।”
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में गौसेवा की यज्ञाग्नि
“एक वर्ष तक चले इस वेदलक्षणा गो आराधना महोत्सव को इन्होंने न केवल संजोया, बल्कि प्रतिमाह प्रकाशित समाचारों से इसे एक ऐतिहासिक दस्तावेज में रूपांतरित किया। यह कार्य भावी पीढ़ियों के लिए एक सांस्कृतिक ग्रंथ बन जाएगा।”
कार्यक्रम में श्री गोवर्धन गौशाला समिति, सोयतकलां के अध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता, ओम पालीवाल, मनीष जैन, अनिल भावसार सहित समस्त समिति के सदस्य एवं महिला मंडल की गरिमामयी उपस्थिति रही। स्वामीजी के अंतर्मन से निकले शब्दों ने स्पष्ट किया कि राजेश कुमरावत ‘सार्थक’ की पत्रकारिता समाज में जागरण का स्वर है, और यह सेवा कालजयी है। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस विचारधारा का सम्मान है, जो 'गो', 'ग्राम' और 'गौरव' को जोड़ती है

Post a Comment