तैराकी सीखने के लिए बच्चों में खास उत्साह,युवाओं की टीम सिखाती तैराकी 800 बच्चे बने तेराक


झालावाड़:कहते हे कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती हे ऐसा ही नजारा आपको झालरापाटन गोमती सागर तालाब पर देखने को मिलेगा रोजाना सेकडो बच्चे तैराकी सीखने के लिए पहुंच रहे हे क्यों कि जिंदगी में तैरना सीखना ऐसी कला हे जिसके सीखने के बाद आप हर मुश्किल से बचा जा सकता हे ओर शरीर को व्यायाम के साथ साथ शरीर स्वस्थ रहता हे ओर जब युवाओं की टीम आपको तैराकी सीखा रही हे जहा सभी संसाधन मौजूद हो तो जोश दुगना हो जाता हे।  गोमती सागर तालाब पर सड़को बच्चों गर्मियों में सीखने पहुंच रहे हे ओर यहां एक सप्ताह से दो सप्ताह में शानदार तैराकी सिख लेते हे। 2016 से अंतरिक्ष माथुर जब यहां तैरने आते थे तो लोग बैठे रहते थे कि काश कोई उनको भी तैराकी सिखाए जब यह बात युवा को पता चली तो उसने साथियों के साथ मुहिम चलाई ट्यूब लेकर तैराकी सीखाना शुरू किया शुरू में बच्चे कम आते थे लेकिन जब बच्चों में यह पता चला कि तालाब पर तैरना सिखाया जा रहा हे परिजन बच्चों को लाने लगे और डेढ़ घंटे तक उनको तैराकी सिखाई जाती हे परिजन तालाब किनारे उनके पास बैठे रहकर नजर रखते हे हालांकि तैराकी सीखाते समय पूर्ण सावधानी बरती जाती हे ओर अंतरिक्ष माथुर टीम के साथ खुद तालाब में रहकर बच्चों को प्रोत्साहित करते हे उनका हौसला बढ़ाते हे धीरे धीरे उनकी पानी में किस तरह बढ़ाया जाता हे जिससे बच्चों का डर खत्म होता हे जब डर खत्म होता हे तो किस तरह उसको आगे की ट्रेनिंग दी जाती हे यह सिलसिला 2016 से शुरू हे अब तक 800 से बच्चे तैरना सीख चुके हे ओर हर दिन यह संख्या बढ़ रही हे खास कर युवाओं महिलाएं भी यहां तैरने सीखने के लिए पहुंच रहे हे यहां सुबह7.230 से 9.30 तक का समय होता हे जहां बच्चे तैरने सीखने के लिए पहुंचते हे।


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