रामपुरा हॉस्पिटल में 76 लाख का घपला, सरकारी योजनाओं का पैसा पत्नी के खाते में ट्रांसफर किया

कोटा: मेडिकल कॉलेज से जुड़े रामपुरा हॉस्पिटल में कंप्यूटर ऑपरेटर रहे युवक विजयकुमार जांगिड़ ने जननी सुरक्षा, शुभलक्ष्मी व राजश्री योजना के पैसे 10 साल तक अपने व पत्नी के खाते में डालता रहा और किसी को भनक नहीं लगी। हाल ही जब गर्भवतियों के पंजीयन (एएनसी रजिस्ट्रेशन) रिपीट हुए तो घोटाले का खुलासा हुआ।

अब तक की जांच में पता चला कि 76.90 लाख रुपए खुद व पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। एनएचएम के एमडी स्तर से सीएमएचओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है, वहीं रामपुरा हॉस्पिटल स्तर पर भी कमेटी जांच कर रही है। रामपुरा हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. राकेश सिंह की ओर से कोतवाली में कंसुआ आवासीय योजना निवासी विजय जांगिड़ व उसकी पत्नी रक्षधा के खिलाफ नाजमद प्रकरण दर्ज कराया गया है।

आईडी और पासवर्ड चोरी कर घोटाला किया

रामपुरा हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. राकेश सिंह ने बताया- विजय कुमार पुत्र छीतरलाल जांगिड़ की नियुक्ति 28 जुलाई 2010 में संविदा पर कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर हुई थी। विजय ने 3 अगस्त 2010 को रामपुरा में काम शुरू किया था। राज्य सरकार ने अगस्त 2015 से जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को ऑनलाइन भुगतान ओजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से शुरू किया था।

विजय कुमार ने 2015 से 2017 तक रामपुरा हॉस्पिटल में ओजस सॉफ्टवेयर का काम संभालता था। उसने सॉफ्टवेयर की आईडी और पासवर्ड चोरी कर घोटाला किया। शुरुआती जांच में पता चला कि अगस्त 2015 से अगस्त 2024 तक उसने लगातार इन योजनाओं का पैसा अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कराया।

अगस्त 2024 के बाद ओटीपी सिस्टम कर दिया गया था। संभवतः इस वजह से आगे फर्जीवाड़ा नहीं कर सका। उसने कैसे आईडी-पासवर्ड से यह सब किया, यह तकनीकी एक्सपर्ट ही समझ सकते हैं। सीएमएचओ से पत्र मिलते ही हमने जांच कमेटी बैठा दी। प्रारंभिक जांच में गबन सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज करा दी है।

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