कोटा ग्रामीण इलाके में मगरमच्छों के कारण किसान डर में है। मगरमच्छ के बच्चे तालाब से निकलकर खेतों में भरे बारिश के पानी में घूमते नहर आ रहे हैं।
तहसील पीपल्दा के गांव बंजारी में रहने वाले लोकेंद्र वैष्णव ने बताया- कई सालों से तालाब में दो मगरमच्छ थे। वन विभाग ने एक का रेस्क्यू कर लिया है। दूसरे मादा मगरमच्छ ने कुछ दिनों पहले अंडे दिए थे, उनमें से बच्चे निकल आए हैं। अब 10 से 12 बच्चे और हो गए हैं।खेतों में बारिश के पानी में मगरमच्छ के बच्चे
मगरमच्छ के बच्चे तालाब से निकलकर आसपास के खेतों में घुस रहे हैं। खेतों में बारिश का पानी भरा है। वहीं किसान धान की फसलों की बुवाई में लगे हुए हैं। ऐसे में किसानों में डर हैं। ग्रामीण ने बताया- किसान लक्ष्मी चंद के खेत में मगरमच्छ के बच्चे नजर आए थे।
इस कारण वे खेत में काम नहीं कर पाए। अटल मीणा और पप्पू लाल मीणा के खेत में भी मगरमच्छ के बच्चे मौजूद है। 10 से 12 बच्चे हैं, जिनकी वजह से किसानों में डर हैं। मगरमच्छ के बच्चे मुंह खोले खेतों में नजर आ रहे हैं। खेत से कुछ दूरी पर ही स्कूल है। ऐसे में मगरमच्छ के बच्चे स्कूल में भी पहुंच सकते हैं।
Post a Comment