कंपनी के प्रतिनिधि बुधवार को कोलाना एयरपोर्ट पर विजिट करेंगे। वे यहां क्लासेज संचालित करने सहित अन्य प्रक्रियाओं की संभावनाएं देखेंगे। साथ ही यहां कब से कक्षाएं संचालित होनी हैं, इसके बारे में भी चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि कोलाना एयरपोर्ट पर पहले चरण में फ्लाइंग एकेडमी खुलेगी। इसके लिए दो कंपनियों ने आवेदन किया था, लेकिन सरकार से मुंबई की मेल स्टार कंपनी के साथ करार हुआ है। यह कंपनी पहले चरण में 80 पायलट तैयार करेगी। इससे हाड़ौती सहित राजस्थान, मध्यप्रदेश व अन्य क्षेत्रों के युवाओं को पायलट बनने का मौका मिलेगा। पहले कोलाना एयरपोर्ट पर 10 एकड़ जमीन पर फ्लाइंग एकेडमी का संचालन होना है। इसमें कक्षाओं, हैंगर, पार्किंग-वे, हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों के निर्माण शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि कोलाना एयरपोर्ट पर उत्तर भारत का सबसे लंबा 3 हजार मीटर का रन-वे है जिस पर बड़े से बड़ा विमान उतर सकता है।
हाड़ौती का पहला फ्लाइंग स्कूल झालावाड़ में होगा संचालित
युवा पायलट बनने के लिए निजी संस्थानों के बजाय सरकारी और किफायती संस्थान से प्रशिक्षण ले सकेंगे। तकनीकी पदों पर यहां पर भर्ती होगी। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कोलाना हवाई पट्टी का नियमित उपयोग हो सकेगा और भविष्य में बड़े विमानों के उतरने की भी संभावना बढ़ेगी। झालावाड़ के कोलाना में संभाग का पहला पलाइंग स्कूल संचालित होगा।
इधर, आज कोलाना एयरपोर्ट पर उतरेंगे नीमच की फ्लाइंग एकेडमी के 8 विमान
मध्यप्रदेश के नीमच की फ्लाइंग एकेडमी के 8 विमान कोलाना एयरपोर्ट पर बुधवार को उतरेंगे। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक फ्लाइंग एकेडमी के विमान उड़ान भर सकेंगे। इससे पहले भी लगातार नीमच की एकेडमी के पायलट यहां प्रशिक्षण ले रहे हैं। फ्लाइंग एकेडमी के प्रतिनिधियों का कहना है कि इतना बड़ा रन-वे मिलने से भावी पायलट को यहां काफी कुछ सीखने को मिलता है। इसीलिए यहीं पर इन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
"फ्लाइंग एकेडमी के प्रतिनिधि बुधवार को झालावाड़ आएंगे। वे कब से कक्षाएं संचालित करेंगे इसकी संभावनाएं तलाशेंगे।"
:-मुकेश मीणा, एसई, पीडब्ल्यूडी, झालावाड़



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