पीड़िता हेमलता के पिता मदनलाल लौहार ने बताया कि उनसे ₹10,000 की अग्रिम राशि ली गई और इसके बाद लाखों रुपये और मांगने की बात कही गई। मामले से संबंधित दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े सबूत भी सामने आए हैं। आवेदक के पिता ने यह शिकायत संबंधित अधिकारियों और पुलिस को सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार, शिकायत में आरोप है कि चयन प्रक्रिया में अवैध वसूली और भ्रष्टाचार खुलकर हो रहा है। पीड़ित परिवार ने कहा कि अगर सही समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो कई योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, इस खुलासे के बाद आवेदकों और उनके परिजनों में आक्रोश का माहौल है। नौकरी दिलाने के नाम पर अवैध वसूली और घूसखोरी के आरोपों ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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