नो-एंट्री में धड़ल्ले से घुस रहे ट्रक, भवानीमंडी में रोजाना जाम, जनता की पुकार: “नो-एंट्री लागू करो, जाम से दिलाओ निजात”

कपिल चौहान | भवानीमंडी: नगर का रेलवे स्टेशन मार्ग, जहां दिनभर यात्रियों की आवाजाही रहती है, अब यातायात जाम का पर्याय बन चुका है। नो-एंट्री व्यवस्था केवल बोर्डों तक सिमट कर रह गई है। भारी लोडिंग और मालवाहक वाहनों की मनमानी एंट्री से आए दिन अफरातफरी मची रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या अब असहनीय होती जा रही है। “कई बार पुलिस और प्रशासन को शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई केवल आश्वासन तक सीमित रही। हालात दिन-ब-दिन बिगड़ रहे हैं,” एक दुकानदार ने नाराज़गी जताई।

राहगीरों और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर

रेलवे स्टेशन मार्ग से रोजाना स्कूली बच्चे, यात्री और छोटे वाहन चालक गुजरते हैं। भारी ट्रकों और ट्रॉलियों की भीड़ से उन्हें निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार बच्चे स्कूल देर से पहुंचते हैं। राहगीरों को सड़क पार करना खतरे से खाली नहीं रहता। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे जिंदगियों पर खतरा मंडराता है।

प्रशासन की बेरुखी

नगरवासी बताते हैं कि यातायात विभाग और प्रशासन की अनदेखी ही इस समस्या की जड़ है। नो-एंट्री नियमों का पालन कराने के लिए न तो चौकियों पर स्थायी तैनाती है और न ही नियमित चेकिंग। “निगरानी के अभाव में ट्रक चालक खुलेआम नियम तोड़ते हैं और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।

जाम की समस्या से केवल यातायात ही प्रभावित नहीं हो रहा, बल्कि स्थानीय व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में दिक्कत होती है, जिससे बिक्री प्रभावित होती है। साथ ही, लगातार भारी वाहनों के दबाव से सड़क की हालत भी खराब हो रही है। टूटी सड़कें दुर्घटनाओं को और न्यौता दे रही हैं।


जनता की मांग — सख्ती से लागू हो नो-एंट्री

नगरवासियों ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की है कि रेलवे स्टेशन मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर तुरंत रोक लगाई जाए। नो-एंट्री क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए। उल्लंघन करने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना और सख्त कार्रवाई हो।

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