कपिल चौहान | भैसोदामंडी: नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 15 स्थित सरकारी पार्क में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया, जब नगर परिषद सीएमओ गिरीश शर्मा अमले के साथ पहुँचकर पार्क की तार फेंसिंग हटवाने लगे। जैसे ही कर्मचारियों ने फेंसिंग खोलनी शुरू की, सत्ताधारी पार्टी से जुड़े स्थानीय नेता और पार्षद विरोध में तिरपाल डालकर पार्क में ही धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी भी मौके पर जुट गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विरोध का तर्क
विरोध कर रहे नेताओं का कहना है कि कॉलोनी के नक्शे और रजिस्ट्री में यह भूमि सरकारी पार्क दर्ज है। इसलिए सार्वजनिक हित में इसे सुरक्षित रखने के लिए ही फेंसिंग की गई थी। उन्होंने कहा कि अगर यह कदम नहीं उठाया जाता तो भविष्य में पार्क की जमीन पर अवैध कब्जे हो सकते थे। विरोधियों ने यह भी बताया कि पार्क में वृक्षारोपण और संरक्षण कार्य पहले से चल रहे हैं।
आरोप
पूर्व सरपंच श्याम गुर्जर और पार्षद पति श्याम चंदेल ने आरोप लगाया कि भैसोदामंडी की सरकारी व सार्वजनिक भूमि लगातार बेची जा रही है। यही वजह रही कि इस पार्क को बचाने के लिए तार फेंसिंग करवानी पड़ी।
हालात बिगड़ते देख पुलिस पहुँची
स्थिति बिगड़ते देख चौकी पुलिस को भी मौके पर पहुँचना पड़ा। हालांकि बढ़ते विरोध को देखते हुए नगर परिषद का अमला कार्रवाई किए बिना ही लौट गया। इसके बाद ही धरने पर बैठे नेता और लोग उठे।
मौके पर मौजूद नेता
इस दौरान नप अध्यक्ष पति अजय पौराणिक, उपाध्यक्ष अर्जुन शर्मा, पार्षद आशा चंदेल व उनके पति श्याम चंदेल, पार्षद मनोहर सैनी, राकेश यादव (बॉबी), श्याम गुर्जर समेत कई स्थानीय लोग और मोहल्लेवासी मौजूद रहे।
सीएमओ का पक्ष
सीएमओ गिरीश शर्मा ने कहा –
शिकायत मिली थी कि अज्ञात लोगों द्वारा नगर परिषद क्षेत्र स्थित सरकारी पार्क की भूमि पर तार फेंसिंग कर दी गई है। इससे भविष्य में अवैध कब्जे की आशंका है। नगर परिषद इस भूमि पर स्वयं पक्की बाउंड्री बनाने की योजना बना रही है।


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