कपिल चौहान | भवानीमंडी: राजगढ़ पेयजल योजना के तहत भवानीमंडी में बनने वाली चार टंकियों में से मुक्तिधाम चारदीवारी के पास प्रस्तावित टंकी निर्माण पर अब तकनीकी और भावनात्मक, दोनों तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।
इस स्थल की सोयल टेस्टिंग रिपोर्ट में पाया गया है कि यहां ज़मीन में भारी मात्रा में फिलिंग (भराव) है। ऐसे में यदि यहीं टंकी बनाई जाती है तो निर्माण लागत कई गुना बढ़ जाएगी और नए सिरे से डिजाइनिंग करनी पड़ेगी। विभाग का कहना है कि यदि नगरपालिका पास में कोई वैकल्पिक भूमि उपलब्ध करवा दे तो टंकी को वहाँ शिफ्ट किया जा सकता है। अन्यथा, मजबूरी में इसी जगह निर्माण करना होगा। वर्तमान में पूरा मामला विभागीय अधिकारियों के पास निर्णय हेतु भेजा गया है।
भावनात्मक आपत्ति
तकनीकी पेच के साथ-साथ मुक्तिधाम परिसर में पेयजल टंकी बनाने को लेकर भी कई लोग आपत्ति जता रहे हैं। उनका मानना है कि अंतिम संस्कार स्थल के पास टंकी बनाना उचित नहीं है। स्थानीय लोगों का सुझाव है कि इस टंकी का स्थान पास के मेला मैदान या सुलभ कॉम्प्लेक्स के आस-पास तय किया जाए।
बाकी तीन टंकियों पर काम शुरू
गौरतलब है कि योजना की अन्य तीन टंकियों के स्थान पहले ही तय हो चुके हैं — राधेश्याम गार्डन, अनंत विहार कॉलोनी और पचपहाड़। वहाँ पर निर्माण प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
योजना का महत्व
भवानीमंडी को वर्तमान में पिपलाद के अशुद्ध पानी की सप्लाई से छुटकारा दिलाने के लिए ही करीब 32 करोड़ रुपये की राजगढ़ पेयजल योजना स्वीकृत की गई है। इस योजना के टेंडर हो चुके हैं और फिलहाल फाइनेंशियल बीड पर अंतिम निर्णय शेष है।
बड़ा सवाल..?
तकनीकी जटिलता और स्थानीय भावनाओं के विरोध के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुक्तिधाम परिसर में ही टंकी बनेगी या फिर इसका स्थान बदला जाएगा और यदि बदला जाएगा तो नगरपालिका कितनी तत्परता से वैकल्पिक भूमि उपलब्ध करवा पाएगी?

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