सूत्रों के अनुसार यह ठेका गुड़गांव की कंपनी ‘विमल राज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड’ को एक वर्ष के लिए दिया गया है, जिसकी कुल कीमत 1 करोड़ 55 लाख रुपए है।
शुल्क 10 से 300 रुपए तक
मंदिर प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बैरिकेड्स लगाकर पार्किंग क्षेत्र चिन्हित कर दिए हैं। साथ ही पार्किंग शुल्क की दरें भी सूचीबद्ध कर दी गई हैं।
दोपहिया वाहन (बाइक/स्कूटी) – 10 रुपए
थ्री व्हीलर/ऑटो – 20 रुपए
फोर व्हीलर कारें – 50 रुपए से 100 रुपए
ट्रैक्टर-ट्रॉली, मिनी बस, टेम्पो ट्रैवलर – 150 से 200 रुपए
बड़ी बसें – 250 से 300 रुपए
श्रद्धालुओं में नाराज़गी
मंदिर में प्रतिदिन लाखों का चढ़ावा चढ़ने के बावजूद पार्किंग शुल्क की इस नई व्यवस्था ने श्रद्धालुओं को नाराज़ कर दिया है। भक्तों का कहना है कि “आस्था पर शुल्क लगाया जा रहा है। मंदिर प्रशासन को सुविधाएं बढ़ाने की बजाय श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त भार डालना अनुचित है।”
सीसीटीवी और ठेका कर्मियों की तैनाती
पार्किंग शुल्क वसूली की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ठेका कर्मियों की नियुक्ति भी कर दी गई है। वर्तमान में यह व्यवस्था मीरा द्वार के पास से शुरू की गई है।
प्रशासन का पक्ष
सांवलिया मंदिर प्रशासनिक अधिकारी एवं लेखाधिकारी का कहना है कि “पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया के बाद शुल्क वसूली की शुरुआत की गई है।”


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