कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा — “शादी को दिखावे नहीं, जिम्मेदारी और समर्पण का प्रतीक बनाना चाहिए। ऐसे आयोजन समाज में फैली फिजूलखर्ची पर रोक लगाते हैं और नई सोच को जन्म देते हैं।” कार्यक्रम में एसडीएम श्रद्धा गोमै, नगरपालिका प्रशासन, भाजपा, कांग्रेस और एसडीपीआई के जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे और नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दी। इस समारोह में संस्था ने मुस्लिम समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इस आयोजन को भव्य और सफल बनाने में केजीएन कमेटी, एसडीपीआई कमेटी, लंगर कमेटी, हजरत सैय्यद बावा उर्स कमेटी पचपहाड़, हुसैनी कमेटी, शान-ए-हैदरी कमेटी, जश्ने गरीब नवाज कमेटी, दावत-ए-इस्लामी कमेटी, शिव मित्र मंडली आदि का विशेष योगदान रहा।
आयोजक और सहयोगी
इस नेक पहल के मुख्य आयोजक संस्था अध्यक्ष सोहेल खान जिलानी, कोषाध्यक्ष सायीदुद्दीन गौरी, हाजी आफताब चौधरी नीतू और सलीम अब्बासी (सिटीजन ट्रांसपोर्ट) आदि रहे, जिन्होंने तन-मन-धन से सहयोग कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
धार्मिक रस्में और संदेश
निकाह की रस्में शहर काजी अब्दुल वहाब खान एवं अन्य पेश इमामों द्वारा “अल-निकाह मिन सुन्नती” के तहत पूरी की गई। इस अवसर पर दूर-दराज से आए परिजनों, मित्रों और समाजजनों ने दूल्हा-दुल्हन को मुबारकबाद दी और खुशियां साझा की। कार्यक्रम के समापन पर दावत-ए-आम का आयोजन हुआ।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद का प्रशंसा संदेश
इस सफल आयोजन पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जिला झालावाड़ ने संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा — “गोसिया मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी ने समाज के लिए एक आदर्श स्थापित किया है। हम भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों में कंधे से कंधा मिलाकर साथ रहेंगे।”



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