कृषि भूमि पर बिना कन्वर्जन काटी कॉलोनियां में लाखों के राजस्व का नुकसान: SDM बोलीं कोर्ट आदेश से ही रजिस्ट्री रोकी जा सकती, ईओ ने कहा अनकन्वर्ट कॉलोनियों पर 90 बी की कानूनी कार्रवाई तय

कपिल चौहान | भवानीमंडी: शहर और आसपास के क्षेत्रों में कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां काटने का सिलसिला लगातार जारी है। प्रशासन की नज़रों के सामने सब कुछ होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन हैं। सालभर पहले तहसील प्रशासन ने कॉलोनाइज़रों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

जब अतुल्य भारत संवाददाता ने उपखंड अधिकारी से अनकन्वर्ट कॉलोनियों की रजिस्ट्री रोकने के संबंध में बात की, तो एसडीएम श्रद्धा गोमे (IAS) ने कहा —

राजस्व विभाग रजिस्ट्री रोक नहीं सकता, यह कार्य केवल सिविल कोर्ट के आदेश से संभव है।

गौरतलब है कि अतुल्य भारत ने कुछ महीने पहले ही इस गंभीर मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है।

बिना कन्वर्जन काटी जा रही कॉलोनियां

सूत्रों के अनुसार, कृषि भूमि खसरा नंबर 118, 413 और 664 की कुल 16 बीघा 40 बिस्वा भूमि को बिना कन्वर्जन कराए ही आवासीय कॉलोनी में बदल दिया गया है। इससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।

हर दिशा में फैल रहा अवैध कब्जा

भवानीमंडी व पचपहाड़ क्षेत्र में करीब 15 से अधिक कॉलोनियां कृषि भूमि पर अवैध रूप से विकसित की जा रही हैं। बांडिया बाग, मांडवी रोड और एसडीएम कार्यालय के पीछे तक बिना स्वीकृति के कॉलोनियां काटी जा रही हैं। भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे सरकारी दफ्तरों के पीछे तक निर्माण करने से नहीं चूक रहे।

कार्रवाई अधूरी, माफिया सक्रिय

पचपहाड़ तहसील प्रशासन ने मांडवी रोड क्षेत्र में 11 लोगों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन अन्य स्थानों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी लापरवाही के चलते भू-माफिया फिर से सक्रिय हो गए हैं और खुलेआम नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं।

जल्द होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

एसडीएम श्रद्धा गोमे (IAS) ने कहा —

बार काउंसिल की हड़ताल के कारण किसी भी मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब शहर और आसपास के क्षेत्रों में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं, और अब नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई तय है।

यह है नियम

धारा 90 बी राजस्थान नगर सुधार अधिनियम, 1959 के तहत यह प्रावधान है जिसके अंतर्गत अवैध या बिना कन्वर्जन विकसित कॉलोनियों पर नियमितीकरण शुल्क, जुर्माना व विकास मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा सकती है।

इस प्रावधान का उद्देश्य ऐसी कॉलोनियों को या तो कानूनी रूप से नियमित करना या नियमानुसार तोड़फोड़ / दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। “90 बी की कार्यवाही” भूमि और कॉलोनी नियमन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान है, जो राजस्थान नगर सुधार अधिनियम, 1959 के धारा 90-B के अंतर्गत आता है। धारा 90B भूमि के नियमन और विकास से संबंधित प्रावधान है। यह उन अनकन्वर्ट (कृषि से आवासीय में परिवर्तित न की गई) या अवैध रूप से काटी गई कॉलोनियों पर लागू होती है, जिन्हें बिना स्वीकृति विकसित किया गया हो। यदि किसी व्यक्ति ने कृषि भूमि को बिना कन्वर्जन (143 या 90A की प्रक्रिया) के कॉलोनी में बदल दिया, तो उस पर 90B के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यह कार्रवाई नगरपालिका / UIT / नगर सुधार न्यास द्वारा की जाती है। उस भूमि के स्वामी या कॉलोनाइज़र को नोटिस जारी किया जाता है। उनसे डेवलपमेंट चार्ज, पेनल्टी या नियमितीकरण शुल्क वसूला जा सकता है।यदि कॉलोनी स्वीकृत मानकों पर खरी नहीं उतरती, तो अवैध निर्माण तोड़ने या रजिस्ट्री रोकने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। 90B का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अवैध रूप से विकसित कॉलोनियों को या तो कानूनी रूप से नियमित किया जाए या उन पर दंडात्मक कार्रवाई (जुर्माना / तोड़फोड़) की जाए।

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