इस तरह रचा ठगी का जाल
आरोपी रोहित पिता कारूलाल मीणा (उम्र 27 वर्ष, निवासी कुकड़ेश्वरा, थाना भानपुरा) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के माध्यम से ग्रामीणों को “8 लाइन और पवन चक्की पर किराये से वाहन लगाने और हर माह अच्छी कमाई” का लालच देता था। लोगों का भरोसा जीतकर वह उनसे ट्रैक्टर, ट्रॉली, बोलेरो, स्कॉर्पियो, पिकअप, पानी टैंकर और अन्य वाहन किराये पर लेने के बहाने अपने कब्जे में ले लेता था, फिर उन्हें ओने-पोने दामों में बेचकर गायब हो जाता था।
ग्रामीणों को जब ठगी का पता चला तो भानपुरा और नीमच जिले सहित राजस्थान के झालावाड़, कोटा, बूंदी क्षेत्रों से भी कई शिकायतें पुलिस तक पहुँचीं।
पुलिस ने ऐसे पकड़ा आरोपी
थाना प्रभारी आर.सी. दांगी ने शिकायतें मिलने के बाद एक विशेष टीम गठित की, जिसमें उनि. जोर सिंह डामोर, सउनि. सुनील तोमर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। तकनीकी साक्ष्य और मानवीय मुखबिरी के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।
आरोपी की निशानदेही पर 21 वाहन बरामद किए गए, जिनमें 10 ट्रैक्टर, 3 ट्रॉली, 3 पिकअप, 1 अल्टो कार, 2 बोलेरो, 1 स्कॉर्पियो, 1 पानी का टैंकर
शामिल हैं। बरामद वाहनों की कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
गांव में खोली थी ऑटो डील की दुकान
आरोपी ने अपने गांव बाबुल्दा में “अंतरिक्ष ऑटो डील” नाम से दुकान खोली थी, जो पिछले छह महीने से बंद थी। वही से वह ठगी का नेटवर्क संचालित करता था। पूछताछ में सामने आया कि वह कक्षा 10वीं तक शिक्षित है, और पिछले कुछ वर्षों से ग्रामीणों को झांसा देकर वाहन हड़पने का कारोबार चला रहा था।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस कार्रवाई में निरीक्षक आर.सी. दांगी, उनि. जोर सिंह डामोर, सउनि. सूर्यपाल मैडा, आरक्षक तरुण देवड़ा, नेमाराम जाट, बनवारी राठौर, धनराज गुर्जर, एवं चालक लक्ष्मणसिंह पंवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भानपुरा पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र में चर्चित रही, क्योंकि आरोपी ने कई जिलों में लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से ठगा था। पुलिस आरोपी से रिमांड पर गहन पूछताछ कर रही है, ताकि उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके।

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