भवानीमंडी: पुलिस ने साइबर फ्रॉड के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश कर चार शातिर ठगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के अधीन चल रहे कई म्यूल (मूल) बैंक खातों में देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 308 साइबर फ्रॉड शिकायतें होने पर खातों पर होल्ड लगा हुआ है। गिरोह में एक पूर्व बैंक कर्मचारी भी शामिल था। दिनेश, कन्हैयालाल, राजेश, निखिल नामक चार आरोपियों को थाना भवानीमंडी की विशेष टीम ने गिरफ्तार किया। गिरोह ने फर्मों के करंट बैंक खाते लाखों रुपए में खरीदे और इन खातों के माध्यम से बड़े-बड़े रकम ट्रांसफर कर करोड़ों रुपए की ठगी की।गिरफ्तार दिनेश के पास से उसकी फर्म “मेवाडा किराना एण्ड जनरल स्टोर” की चेक बुक व एटीएम कार्ड बरामद। मेवाडा किराना एण्ड जनरल स्टोर व राधाकृष्णा ट्रेडिंग कम्पनी के म्यूल खातों पर कुल मिलाकर लगभग 308 साइबर फ्रॉड शिकायतों के कारण रोक लगा है।आरोपियों में एक पूर्व एक्सिस बैंक कर्मचारी का भी नाम है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।झालावाड़ जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशानुसार साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सभी थानाधिकारीयों को टीम गठित कर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। थाना भवानीमंडी को मिली गोपनीय सूचना एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर विशेष टीम गठित की गई, जिसने दिनेश, राजेश, निखिल व कन्हैयालाल नामा के खिलाफ जांच कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। थाना अधिकारी रमेशचंद मीणा के मुताबिक 30 सितंबर को प्राप्त सूचना के बाद स्पष्ट हुआ कि उक्त व्यक्ति अपने निजी बैंक खातों को म्यूल खातों की तरह उपयोग कर बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी में संलिप्त हैं।*गिरफ्तार आरोपी*1. दिनेश — पुत्र मदनलाल, उम्र 22, निवासी गणेश बाग, पचपहाड़, थाना भवानीमंडी, जिला झालावाड़2. राजेश नागर — पुत्र लक्ष्मीचंद नागर, उम्र 30, निवासी पटाडिया धाकड, थाना पचोर, जिला राजगढ़ (म.प्र.)3. कन्हैया लाल बागरी — पुत्र पन्नालाल, उम्र 38, निवासी (पता उल्लेखित), थाना भवानीमंडी, जिला झालावाड़ (हाल गोपाल विहार कोलोनी, झालावाड़)।4. निखिल नामा — पुत्र विष्णु नामा, उम्र 20, निवासी श्रीराम कॉलोनी, रामगंजमण्डी, थाना रामगंजमण्डी, जिला कोटा ग्रामीण (राज.)*म्यूल खाते क्या होते हैं, पुलिस की चेतावनी*पुलिस ने समझाया है कि म्यूल खाता (money-mule account) वह बैंक खाता है जिसे धोखाधड़ी करने वाले अपराधी इस्तेमाल करते हैं ताकि अवैध रूप से प्राप्त धन को वैध दिखाया जा सके। मनी-म्यूल वे व्यक्ति होते हैं जो गलत तरीके से प्राप्त धन को अपने खातों में आने देते हैं। कभी लालच में और कभी अनजाने में। इससे धन शोधन (मनी-लॉन्ड्रिंग) और साइबर ठगी को अंजाम देना आसान हो जाता है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अनजाने में भी किसी अज्ञात व्यक्ति के लिए बैंक खाता न दें और नस्ल-रहित ऑफर या बड़ी रकम के लालच में किसी को अपने खाते का उपयोग करने की अनुमति न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या साइबर नोड पर दें।
भवानीमंडी पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह पकड़ा: 4 गिरफ्तार, म्यूल खातों में 308 शिकायतें, एक पूर्व बैंककर्मी भी शामिल
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